
भोपाल/मध्यप्रदेश( मनोज कुमार प्रसाद)11 नवंबर।महर्षि सेंटर फॉर एजुकेशनल एक्सीलेंस लंबाखेड़ा में तीन दिवसीय “महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव 2025” का भव्य शुभारंभ आज हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस का प्रारंभ गुरु पूजा एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ । कार्यक्रम के प्रारंभ में महर्षि सेंटर फॉर एजुकेशनल एक्सीलेंस के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष वेद विद्या मार्तंड गिरीश जी उपस्थित रहे, उन्होंने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि, हमें गर्व है कि हम भारतीय संस्कृति के वाहक हैं , आप सभी बच्चे विजेता हैं ,आप यहां पर किसी प्रतियोगिता के लिए नहीं आए बल्कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए यहां पर आए हैं।
मनुष्य के जीवन में प्रत्येक क्षण प्रतियोगिता है लेकिन जब आप प्रतिदिन सुबह और शाम भावातीत ध्यान, सिद्धि एवं यौगिक फ्लाइंग का नियमित अभ्यास करते हैं तो इस प्रतियोगिता से आगे आप आत्म चेतना की सिद्धि प्राप्त कर लेते हैं, जो कि आपको न सिर्फ विजेता बनाती है बल्कि जीवन को आनंदमय भी बनाती है।
हमें गर्व है कि हम सब भारतीय हैं। भारतीय संस्कृति के वाहक हैं, क्योंकि जो ज्ञान हमें हमारे गुरुदेव ब्रह्मानंद सरस्वती एवं परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी द्वारा मिला है हम उसी को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि महर्षि विद्या मंदिर का यह सांस्कृतिक महोत्सव एक सांस्कृतिक कुंभ है, जिसमें देश की विविध संस्कृतियों का मिलन हो रहा है। धर्म,संस्कृति एवं महर्षि जी के ज्ञान का सूर्य जो वर्षों पूर्व उदय हुआ था, वह निरंतर पूरी दुनिया में प्रकाश फैला रहा है। महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह , 6,500 से अधिक शिक्षक एवं एक लाख से अधिक विद्यार्थियों वाला भारत का सबसे बड़ा विद्यालय समूह है, जो निरंतर भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कृति का ध्वज लहरा रहा है। हमारे ज्ञान संस्कृति एवं आत्म चेतना का विस्तार पूरे विश्व ब्रह्मांड में है। इस भारत भूमि में जो हम जन्मे हैं उसकी पूरी दुनिया में पूजा होती है। हमारे वैदिक सनातन धर्म के गुरु, महर्षि एवं ऋषियों को पूरी दुनिया में पूजा जाता है क्योंकि हम सभी लोग भारत माता की संतानें हैं। हम सभी लोग गर्व से कहते हैं कि हम सब भारत माता की संतानें हैं और हमारी संस्कृति वैदिक है।
इसीलिए हम सब लोग मिलकर इस संस्कृति के माध्यम से आप सभी लोगों को संस्कारित बनाने का कार्य कर रहे हैं । हम सभी का उद्देश्य आप सभी लोगों को ग्लोबल लीडर बनाना है।
महर्षि महेश योगी जी ने पूरी दुनिया का नेतृत्व करते हुए जिस तरह से भारतीय वैदिक ज्ञान एवं संस्कृति का परचम पूरी दुनिया में लहराया था इस परिवार एवं इस परंपरा के नाते आप सभी को आगे बढ़ाना है।इस अवसर पर महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रोफेसर भुवनेश शर्मा ने कहा कि वैदिक संस्कृति में आज का एक दिन एक महत्वपूर्ण दिवस है क्योंकि बल, विद्या एवं बुद्धि का आशीर्वाद हनुमान जी ने हमको दिया है। आज यहां पर हम सभी लोग भारत के लगभग प्रत्येक हिस्से से अपनी अपनी स्थानीय संस्कृति के साथ राष्ट्रीय संस्कृति के साथ एकाकार हो रहे हैं।
जो कि हमारे देश की एकता, अखंडता एवं विविधता का प्रदर्शन करेगी। यहां पर महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह का प्रत्येक छात्र एक योगी के रूप में उपस्थित है क्योंकि आप सभी मिलकर वैदिक संस्कृति का प्रचार प्रसार पूरे विश्व में न केवल करेंगे बल्कि हमारे अध्यक्ष ब्रह्मचारी गिरीश जी की इसी आकांक्षा को पूरा करेंगे।इस अवसर पर उपस्थित महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के कार्यकारी निदेशक प्रकाश चंद्र जोशी जी का कहना था कि महर्षि संस्थान का उद्देश्य केवल आधुनिक शिक्षा देना नहीं बल्कि भारती वैदिक एवं संस्कृति की ज्ञान पद्धति की शिक्षा देना है जिसमें भावातीत एवं सिद्धि प्रमुखता के साथ शामिल है। यह दिवस प्रतियोगिता का नहीं है बल्कि खेल भावना के साथ विश्व बंधुत्व की भावना को राष्ट्रीय एकता के साथ बढ़ाने का एक महान अवसर है इसलिए आप सभी लोग विजेता हैं जो इस नेक कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।इस अवसर पर महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निर्देशक संचार एवं जनसंपर्क विजय रत्न खरेजी का कहना था कि देश भर के चयनित विद्यार्थी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 दिन के इस महर्षि राष्ट्रीय सांस्कृतिक समारोह में करेंगे। इसमें पूरे देश के उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक की संस्कृतियों का एकाकार होने जा रहा है, जो की भारत की राष्ट्रीय संस्कृति के रूप में दिखाई देगी। यही हमारे महर्षि संस्थान की एकता एवं विविधता को प्रस्तुत करती है। ब्रह्मचारी गिरीश जी के सतत मार्गदर्शन में इतना बड़ा आयोजन आसान नहीं था किंतु निरंतर उनकी प्रेरणा से यह साकार हो रहा है।
सर्वप्रथम कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए महर्षि सेंटर फॉर एजुकेशनल एक्सीलेंस के प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा ने बताया कि ब्रह्मचारी गिरीश जी की सतत प्रेरणा एवं आशीर्वाद से इतना बड़ा आयोजन जिसमें 160 से अधिक विद्यालयों के छात्र एवं छात्राएं शामिल हो रहे हैं । इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य समस्त विद्यार्थियों के अंदर सांस्कृति कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण एवं चरित्र निर्माण करना है ।जिसका हमारी शैक्षणिक पद्धति में वर्षों से जुड़ाव रहा है एवं भारतीय ज्ञान परंपरा इसका एक प्रमुख अंग रहा है।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत शास्त्रीय स्वर संगीत प्रतियोगिता,प्रश्नउत्तर प्रतियोगिता, समूह गान (कनिष्ठ वर्ग) भगवत गीता के श्लोकों का पाठ, रामचरितमानस के श्लोकों का पाठ, चित्रकला प्रतियोगिता (कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग ) , गणित एवं विज्ञान प्रदर्शनी, उपशास्त्रीय गायन प्रतियोगिता (वरिष्ठ एवं कनिष्ठ वर्ग) है। इन सभी प्रतियोगिताओं
का आयोजन विद्यालय भवन के अंदर एवं बाहर किया गया। सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्तम प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न प्रांतो से आए विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और शिक्षा के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
