
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)02 नवंबर।समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में जेएसएलपीएस की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने जेएसएलपीएस अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की तथा पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति जानी।
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि जिले के किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसान अधिक लाभ कमा सकें। उन्होंने स्ट्रॉबेरी की मार्केटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उपायुक्त ने कहा कि किसानों को अदरक एवं हल्दी की खेती के लिए भी प्रेरित किया जाए तथा इसमें जेएसएलपीएस की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि दुमका एवं मसलिया प्रखंड में स्ट्रॉबेरी की सफल खेती की जा रही है, जिसे और विस्तार देने की दिशा में कार्य किया जाए। साथ ही यह भी आकलन किया जाए कि जिले के किसानों को और किन फसलों की खेती से अधिक आय प्राप्त हो सकती है।
उपायुक्त ने आगे कहा कि आईएफएससी क्लस्टर के अंतर्गत वाटर बॉडीज में मत्स्य पालन अवश्य कराएं, ताकि ग्रामीण स्तर पर आय सृजन के नये अवसर विकसित हों।
इसके उपरांत उपायुक्त ने दुमका प्रखंड अंतर्गत संचालित मंईयां आजीविका सिलाई केंद्र की समीक्षा की। बताया गया कि केंद्र में अब तक 1500 स्कूल ड्रेस तैयार किए गए हैं तथा प्रतिदिन लगभग 15 महिलाएं वहां कार्यरत हैं।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले की जो महिलाएं घर पर ही सिलाई-बुनाई का कार्य कर रही हैं, उन्हें भी जेएसएलपीएस के माध्यम से सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाए तथा आर-सेटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक प्रखंड में मंईयां आजीविका सिलाई केंद्र संचालित करने की दिशा में युद्ध स्तर पर कार्य किया जाए, ताकि यह महिलाओं के लिए आय का एक मजबूत स्रोत बन सके।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने दीदी के ढाबा की प्रगति पर भी चर्चा की और कहा कि जिस प्रकार जिले में दीदी की दुकानें महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, उसी प्रकार दीदी के ढाबा और मंईयां आजीविका सिलाई केंद्र को भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किया जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, डीपीएम जेएसएलपीएस, सभी प्रखंड के बीपीएम आदि उपस्थित थे।
