
आरा/भोजपुर( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 नवंबर।सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती पटेल शुक्रवार को बी.एड. कॉलेज, में उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ।वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से परिसर गूंज उठा।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जंग बहादुर पाण्डेय ने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत के महान शिल्पी थे।भारत के 562 देशी रियासतों के एकीकरण में उनकी वही भूमिका है,जो जर्मनी के एकीकरण में विस्मार्क की।पटेल की सूझ बूझ का ही परिणाम था कि हैदराबाद का निजाम भी भारत में रहने के लिए मजबूर हो गया।वारदोली किसान आंदोलन में विजय का श्रेय भी पटेल को ही जाता है। पटेल भारत के केवल प्रमथ गृह मंत्री ही नहीं थे अपितु देश की अखंडता के वास्तुकार थे।अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कहा कि पटेल दृढ़ संकल्प व्यक्तित्व के धनी थे और भारत का चतुर्दिक विकास चाहते थे।आगत अतिथियों का भव्य स्वागत प्राचार्या डा अनुराधा कुमारी ने, संचालन आशीष सिंह ने और धन्यवाद ज्ञापन नीरज कुमार आलोक ने किया।कार्यक्रम का समापन समवेत राष्ट्रगान के साथ हुआ,जहाँ समस्त शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ और अतिथिगण राष्ट्रगौरव की भावना से ओतप्रोत दिखे।
