उपराष्ट्रपति ने विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों का किया आह्वान।

उपराष्ट्रपति ने सेवा, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण को प्रमुख मूल्यों के रूप में किया रेखांकित।

महात्मा गांधी और तिरुपुर कुमारन को अर्पित की पुष्पांजलि।

उपराष्ट्रपति ने शांतलिंग रामासामी आदिगलर की शताब्दी समारोह में सराहना की और आध्यात्मिक शिक्षा एवं सामाजिक सद्भाव में उनके योगदान की प्रशंसा की।
RKTV NEWS/नई दिल्ली 29 अक्टूबर।उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन पदभार ग्रहण करने के बाद तमिलनाडु की अपनी पहली यात्रा (28-30 अक्टूबर, 2025) पर मंगलवार को कोयंबटूर पहुँचे।
सी. पी. राधाकृष्णन सेशेल्स गणराज्य की आधिकारिक यात्रा से लौटने के बाद तमिलनाडु की यात्रा पर गए हैं। उनके आगमन पर कोयंबटूर के लोगों ने कोयंबटूर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इसके बाद, सी. पी. राधाकृष्णन का कोयंबटूर सिटीजन फोरम द्वारा कोयंबटूर के कोयंबटूर जिला लघु उद्योग संघ (सीओडीआईएसएसआईए) में भव्य अभिनंदन किया गया, जहाँ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। उपराष्ट्रपति ने लोगों के स्नेह के लिए आभार व्यक्त करते हुए, सेवा, निष्ठा और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों के बारे में बात की। उन्होंने विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।
उपराष्ट्रपति ने कोयंबटूर के साथ अपने लंबे जुड़ाव को साझा करते हुए वहाँ के लोगों की मेहनती और उद्यमी स्वभाव की प्रशंसा की, जिसने इस शहर को जीवंत, ऊर्जावान और समृद्ध बनाया है। उन्होंने उद्योगों और उद्यमों के समग्र विकास के लिए श्रमिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि कृषि का विकास, विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों की प्रगति के साथ-साथ चलता है। महाकवि सुब्रमण्यम भारती का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि भारत को एक समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिए उद्योगों, विनिर्माण और वाणिज्य का विकास आवश्यक है। उपराष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को योगदान देना होगा और इस यात्रा में तमिलनाडु की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बाद में, उपराष्ट्रपति ने कोयंबटूर के टाउन हॉल निगम भवन का दौरा किया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति ने कोयंबटूर के पेरूर मठ में शांतलिंग रामासामी आदिगलर के शताब्दी समारोह में भी भाग लिया, जहाँ उन्होंने आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार, शिक्षा को बढ़ावा देने और एक अनुशासित एवं सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में आदिगलर के आजीवन योगदान की प्रशंसा की।
उपराष्ट्रपति शाम को अपने गृहनगर तिरुपुर गए, जहाँ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। श्री राधाकृष्णन ने तिरुप्पुर कुमारन और महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की।
आज 29 अक्टूबर को उपराष्ट्रपति तिरुपुर में एक सम्मान समारोह में भाग लेंगे। श्री राधाकृष्णन शाम को मदुरै पहुँचेंगे और मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे।
उपराष्ट्रपति 30 अक्टूबर, 2025 को रामनाथपुरम जिले के पसुम्पोन में पसुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर जयंती कार्यक्रम में भाग लेंगे।

