
RKTV NEWS/दरभंगा(बिहार )26 अक्टूबर।बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर दरभंगा जिले में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी कौशल कुमार के आदेश के आलोक में मतदाता जागरूकता अभियान पूरे उत्साह के साथ चल रहा है।
दरभंगा जिला में मतदान दिवस 6 नवंबर 20 25 को निर्धारित है। जिला प्रशासन का मतदान का लक्ष्य 80 प्रतिशत है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कौशल कुमार की कुशल मार्गदर्शन में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम विभिन्न विभागों के द्वारा विभिन्न माध्यमों से प्रचार प्रसार किया जा रहा है ।हर मतदाता के पास हमारे मतदाता जागरूकता दूत पहुंच रहे हैं और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जीविका ,आईसीडीएस शिक्षा आदि के द्वारा माइक्रो प्लान बनाकर घर-घर प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
इस अभियान में जीविका दरभंगा की दीदियाँ अग्रिम पंक्ति में रहकर लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिले के सभी 18 प्रखंडों में जीविका दीदियाँ घर-घर जाकर नागरिकों को मतदान के महत्व से अवगत करा रही हैं ताकि *हर मतदाता, हर वोट* का लक्ष्य पूरी तरह प्राप्त किया जा सके।
शनिवार को तारडीह प्रखंड के विभिन्न सामुदायिक संगठनों में आयोजित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम में डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने सहभागिता कर दीदियों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें सक्रिय रूप से लोकतंत्र के इस पर्व में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
गाँव-गाँव में जीविका दीदियों द्वारा मतदाता जागरूकता रैलियाँ निकाली गईं। उन्होंने हाथों में तख्तियाँ और नारों से सजे बैनर लिए “पहले मतदान, फिर जलपान,मेरा वोट, मेरा अधिकार” और “लोकतंत्र की शान – है मतदान” जैसे नारों के साथ सभी को जागरूक किया।
लोकगीत, पोस्टर, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताओं के माध्यम से उन्होंने मतदान के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
सभी जीविका दीदियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे स्वयं मतदान करेंगी तथा अपने परिवार, पड़ोस और समुदाय की हर महिला को मतदान केंद्र तक पहुँचने के लिए प्रेरित करेंगी।
उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि मतदान दिवस पर समूह स्तर पर “घर-घर संपर्क अभियान” चलाया जाएगा ताकि कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए।
डीपीएम डॉ.ऋचा गार्गी ने कहा “दरभंगा की जीविका दीदियाँ आज लोकतंत्र की सशक्त प्रतिनिधि बन चुकी हैं। जिन महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की मिसाल कायम की है,वही आज मतदाता जागरूकता की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरी हैं। उनकी प्रतिबद्धता, निष्ठा और जनसेवा की भावना ने गाँव-गाँव में लोकतांत्रिक चेतना की ज्योति जलाई है।
दीदियाँ घर-घर जाकर लोगों को मतदान के महत्व के बारे में समझा रही हैं, युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को प्रेरित कर रही हैं। यह प्रयास केवल मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सामाजिक विकास प्रबंधक नरेश कुमार ने कहा कि “जीविका दीदियों की भूमिका आज ग्रामीण समाज के हर कोने तक लोकतांत्रिक संदेश पहुँचाने की है। उनके अथक प्रयासों से गाँव-गाँव में जागरूकता की नई अलख जल रही है।”
बीपीएम प्रदीप रॉय ने अपने वक्तव्य में कहा “मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है जो हमारे भविष्य की दिशा तय करती है। जीविका दीदियाँ बदलाव की अग्रदूत हैं और इनके प्रयासों से समाज में लोकतांत्रिक चेतना की नई लहर उठी है।”
मतदान दिवस पर सहायता के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया। इस पहल से न केवल मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी, बल्कि गाँव-गाँव में लोकतंत्र के प्रति विश्वास और जागरूकता भी और सुदृढ़ होगी।
