
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)16 अक्टूबर।समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने लाइसेंसी एवं गैर-लाइसेंसी पटाखा दुकानों के संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक पटाखा दुकान पर अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित दुकानदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पटाखों की दुकानें यज्ञ मैदान, गांधी मैदान एवं आउटडोर स्टेडियम जैसे चयनित स्थलों पर ही लगाई जाएं।
उपायुक्त ने कहा कि छठ घाटों की साफ-सफाई उच्च स्तर की होनी चाहिए तथा किसी भी घाट पर गंदगी न रहे। बताया गया कि सभी छठ घाटों पर सफाई कार्य जारी है। साथ ही बासुकीनाथ के घाटों की सफाई भी बेहतर ढंग से कराने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से अपने-अपने क्षेत्र के सभी छठ घाटों का निरीक्षण करें और सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने आगे कहा कि सभी स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त किया जाए तथा गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो। ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों में भी बैरिकेडिंग कराई जाए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विधुत तारों, हाई टेंशन लाइनों एवं सजावटी वायरिंग की जांच कर ली जाए ताकि किसी भी प्रकार के शॉर्ट सर्किट या दुर्घटना की संभावना न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि समिति के सदस्य पानी के भीतर विद्युत साज-सज्जा का कार्य न करें।
उपायुक्त ने कहा कि छठ घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी घाटों पर गोताखोरों की व्यवस्था, अग्निशमन वाहन की तैनाती, मेडिकल टीम एवं एंबुलेंस की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि छठ घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा सके। कंट्रोल रूम के माध्यम से मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने कहा कि छठ महापर्व में साफ-सफाई का विशेष महत्व है। जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने समितियों से अपील की कि श्रद्धा के साथ-साथ सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए और पानी के अंदर किसी भी प्रकार की विद्युत सजावट से बचें।
