
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 अक्टूबर।400 वर्ष पुरानी नगर रामलीला समिति के तत्वाधान में बनारस के कलाकारों द्वारा लक्ष्मण शक्ति और राम विलाप का मंचन किया गया. जिसमें कलाकारों द्वारा दिखाया गया कि रावण के पुत्र मेघनाद द्वारा चलाए गए शक्ति वाण से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं .लक्ष्मण का मूर्छित होना वानर सेवा के लिए बड़ा संकट हो जाता है .जब लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं तो राम अत्यंत दुखी और विचलित हो जाते हैं वे आम मनुष्य की तरह अपने भाई को मूर्छित होता देख रोने और विलाप करने लगते हैं और भाव विभोर हो जाते हैं. तब हनुमान जी द्रोण पर्वत से संजीवनी बूटी लाते हैं और उसके प्रयोग से लक्ष्मण को होश आ जाता है. संजीवनी बूटी एक विशेष जड़ी बूटी है जो हिमालय के कंदराओं में मिलती है इससे मूर्छित व्यक्ति को जीवनदान मिल जाता है. हनुमान के इस कार्य से लक्ष्मण को होश आता है.
राम का विलाप:- जब हनुमान को बूटी लाने में देर होती है तब श्री राम लक्ष्मण को इस अवस्था मैं देख कर कहते हैं कि आधी रात बीत चुकी और हनुमान अभी तक नहीं आए .श्री राम लक्ष्मण को उठाकर अपने हृदय से लगा लेते हैं और उनके त्याग प्रेम एवं भातृ भाव को प्रकट करते हैं .यह प्रसंग ईश्वर के मानवीय रूप को दिखाने का अद्भुत उदाहरण है.
सर्वप्रथम परंपरा का निर्वाह करते हुए समिति के सदस्यों एवं अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आरती कर कार्यक्रम को आरंभ किया जाता है.
संस्था के संरक्षक मंडल में श्री 1000 महंत किंकर दास जी महाराज ,लाल दास राय ,रामेश्वर प्रसाद, केदार प्रसाद, लक्ष्मी नारायण राय, गोपाल नारायण , गोपाल प्रसाद , हाकिम प्रसाद एवं संस्था के अध्यक्ष सोनू राय सचिव शंभू नाथ प्रसाद,संयोजक शह उपाध्यक्ष संजीव गुप्ता ,उपाध्यक्ष संजय महासेठ ,उपाध्यक्ष शंभूनाथ केसरी, उपाध्यक्ष दिलीप गुप्ता, कोषाध्यक्ष मदन प्रसाद, राकेश रंजन पुतुल जी रिटायर्ड डीएसपी अविनाश जी रामचंद्र प्रसाद ,बुटाई जी रोटी बैंक के सारे सदस्य एवं मीडिया प्रभारी पंकज प्रभाकर उपस्थित थे।
