
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)26 सितंबर। गुरुवार को रमना मैदान में नगर रामलीला समिति के तत्वावधान मे परशुराम लक्ष्मण संवाद और राम विवाह का मंचन किया गया। बनारस के कलाकारों द्वारा शिव धनुष भंग करने का दृश्य दिखाया गया, जिसमें धनुष भंग होते ही भृगु कुल के सूर्य परशुराम क्रोधित होकर वहां पहुंचते हैं और धनुष तोड़ने वाले को अपने परशु से मारने की प्रतिज्ञा करते हैं तब लक्ष्मण परशुराम के बातों का जवाब बहुत ही व्यंग्यात्मक और चतुराई से देते है .यह कोई साधारण धनुष नहीं है जिन्होंने इसे तोड़ा है वह उनकी शक्ति का परिणाम है .अपनी चतुराई भरी बातों से वह परशुराम को रिजाते नजर आते हैं. इस बीच महर्षि विश्वामित्र दोनों के बीच में आते हैं और स्थिति शांत करने की कोशिश करते हैं. अंत में श्री राम अपनी मधुर वाणी से परशुराम के क्रोध को शांत करते हैं जिससे स्थिति सामान्य हो जाती है।
वीर रस की अभिव्यक्ति : यह प्रसंग लक्ष्मण के रस भरे व्यंग्यों के लिए प्रसिद्ध है जिसमें वह अपनी बुद्धिमत्ता और साहस का प्रदर्शन करते हैं.
क्रोध का संदेश:यह संवाद क्रोध पर नियंत्रण रखने और सोच समझकर प्रतिक्रिया देने का संदेश देता है .क्योंकि क्रोध परिस्थितियों को बिगाड़ सकती है.
कलात्मकता: यह रामलीला के मंचन में एक अत्यंत आकर्षक पर महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जहां कलाकारों को बांधे रखने में मदद मिलती है.
धनुष भंग:जनक जी अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए शिव धनुष तोड़ने की शर्त रखते हैं .राम के धनुष तोड़ने के पश्चात लक्ष्मण और परशुराम संवाद के बाद राम और सीता की शादी का दृश्य दर्शाया गया . इस दृश्य को देखने के बाद बैठे दर्शक उत्साहित होते है और जय श्री राम के जयकारे से पूरा माहौल खुशहाल हो जाता है. राजा जनक नम आंखों से अपनी बेटियों की विदाई करते नजर आए और चारों भाई फिर महर्षि विश्वामित्र के साथ प्रस्थान कर जाते हैं.
सर्वप्रथम संस्था के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर और आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और आए हुए अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। संस्था के अध्यक्ष सोनू राय ,उपाध्यक्ष संजीव गुप्ता, उपाध्यक्ष संजय महासेठ, उपाध्यक्ष दिलीप गुप्ता ,कोषाध्यक्ष मोहन प्रसाद, उपाध्यक्ष शंभू नाथ केसरी ,संरक्षक मंडल में महंत 1008 किंकर दास ,लाल दास राय, रामेश्वर प्रसाद, केदार प्रसाद, लक्ष्मी नारायण राय, गोपाल प्रसाद, हाकिम प्रसाद, सह संयोजक पुतुल जी और मीडिया प्रभारी पंकज प्रभाकर कार्यक्रम में मौजूद रहे।
