
RKTV NEWS/पटना (बिहार)20 सितंबर।बिहार सरस मेला का समापन रविवार 21 सितम्बर को हो जायेगा l लिहाजा हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों के कद्रदान अपन्रे घर-दुकान हेतु जमकर खरीददारी कर रहे हैं l मेला के आयोजन के नवें दिन शनिवार को पटना की बारिश भी सतरंगी कलाकृतियों की खरीद-बिक्री में बाधक नहीं बनी l
अपने परिवार के सभी सदस्यों के साथ आकर ल्प्गों ने अपने-अपने पसंद के शिल्प की खरीददारी की और फिर जीविका दीदी की रसोई समेत देशी व्यंजनों के विभिन्न स्टॉल पर जाकर देशी, पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया l
कालीन, रग्स, कतरनी चुडा, चावल , गुड , अदवरी , दनवारी, पापड, मिक्चर, रागी के आटा समेत विभिन्न प्रकार का आटा , कृत्रिम फूल, घर-दुकान सजावट के सामन, खादी एवं सिल्क के कपडे एवं परिधान , आर्टिफिशियल ज्वेलरी, सिक्की से बनी कलाकृतियाँ , जुट से बने उत्पाद, लाह की चूड़ियाँ, चक्की-बेलन समेत रसोई के विभिन्न सामान, पीतल के बर्तन, सीप से बने ज्वेलरी, शंख , बांस से बने उत्पाद, मधु उत्पादन, डिजाईनर जूते- चप्पल,बच्चो के खिलौने, जड़ी बूटियों से बनी अनेक प्रकार के लड्डू , आयुर्वेदिक पौधे और सिल्क आदि से बनी साड़ियों की खूब बिक्री हो रही है l
मेले के एक विशेष भाग में आगंतुकों के लिए खाने-पीने के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाने का अवसर भी प्रदान किया गया है l जहाँ बिहार समेत अन्य राज्यों के भी देशी मिठाइयाँ एवं व्यंजन उपलब्ध हैं l रोहतास की गोड़ई मिठाई, बाढ़ जिले का पेड़ा और लाइ, सुपौल का खाजा, पटना का चनाजोर गरम, किसान चाची का मशहूर अचार ,रसमलाई, टिक्की चाट, माल पुआ, चन्द्र कला, मुंग दाल की पकौड़ी , पिपरा का खाजा, पापड़ी चाट, बटाटा पुड़ी, भेल पुड़ी, बालू शाही, खुरमा , मकई का लड्डू और दाल बाटी सभी एक ही छत के नीचे विभिन्न स्टॉल पर खाने के लिए परोसे गए हैं l l
वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम संस्करण के रूप में आयोजित बिहार सरस मेला में स्वाद, संस्कृति और शिल्प का संगम प्रदर्शित किया जा रहा है l
हस्तशिल्प एवं ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से बिहार सरस मेला , ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा 12 सितंबर से 21 सितम्बर 25 तक आयोजित है।
बिहार सरस मेला में आम से लेकर खास लोग आ रहे हैं और सदियों पुरानी ग्रामीण शिल्प को पुनर्जीवित देख हर्षित भी हो रहे हैं l शनिवार को वंदना प्रेयसी , सचिव, समाज कल्याण विभाग सह प्रबंध निदेशक, महिला एवं बाल विकास निगम भी आई और ग्रामीण महिला शिल्पकारों द्वारा उत्पादित शिल्प और कलाकृतियों की सराहना की l
बिहार सरकार द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना समेत कई लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हुए परिवारों और महिलाओं की सफलता भी सरस मेला के लागे विभिन्न स्टॉल पर देखने को मिल रही है l
बिहार सरस मेला में 9 दिन में खरीद-बिक्री का आंकड़ा ढाई करोड़ रूपया पार गया l 12 सितम्बर से आयोजित बिहार सरस मेला में 9 दिन में 2 करोड़ 60 लाख 6 हजार रुपये से अधिक की खरीद-बिक्री हुई है l 9 दिन में लगभग 2 लाख 33 हजार लोग आये और खरीददारी की साथ ही देशी व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया l
