प्राचीन भारतीय गौरवशाली इतिहास पढ़ने और पढ़ाने की जरूरत है:प्राचार्या आभा सिंह
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 27 मई। महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय,आरा के सभागार में इतिहास विभाग द्वारा 27 मई को ‘संग्रहालय एवं अभिलेखागार का ऐतिहासिक महत्व’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्राचार्य प्रो आभा सिंह ने किया। सामूहिक दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ तत्पश्चात छात्राओं ने सभी अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया।
छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो आभा सिंह ने कहा कि इतिहास एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसे सदियों सदियों तक लोग पढ़ते हैं ,उनकी अच्छाइयों से सीखते हैं, वीरता का गुणगान करते हैं, पूर्वजों को याद करते हैं और सदगुणों गुणों का अनुकरण करते हैं।अच्छे इतिहासकार सच्चाई को रेखांकित करते हैं। लेकिन प्राचीन भारतीय गौरवशाली इतिहास को धुमिल किया गया है।
विषय प्रवेश कराते हुए विभागाध्यक्ष प्रो राजीव कुमार ने कहा की इतिहास की सच्चाई को सामने लाने में संग्रहालय तथा अभिलेखागार की भूमिका महत्वपूर्ण है।बिना साक्ष्य के, बिना प्रमाणिकता के इतिहास की सही विवेचना नहीं है। यूरोपियन केंद्रित इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास को विकृत कर दिया है। अब भारतीय इतिहासकारों ने सही और गौरवशाली पुनर्लेखन कर रहे है।स्नातकोत्तर इतिहास विभाग वीकेएसयू के सहायक आचार्य डॉ शशि भूषण देव ने संग्रहालयों के प्रकार बताते हुए उनके इतिहास से अवगत कराया ।बिहार राज्य पटना में पुराभिलेखपाल डॉक्टर शारदा शरण ने अभिलेखों के महत्व से लेकर उनके रख – रखाव के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की । छात्राओं ने सभागार में अपने आलेख प्रस्तुत किये, जिसमें प्रथम स्थान पर संयुक्त रूप से दो छात्राएं कल्याणी कुमारी और सुप्रिया पाठक रहीं ,द्वितीय स्थान पर सुप्रिया सिंह तथा तृतीय स्थान पर प्रीति कुमारी रहीं । धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम का समापन डॉक्टर अनुपमा ने किया । मंच संचालन का कार्य सफलतापूर्वक डॉक्टर संगीता सिंह ने किया ।महाविद्यालय के शिक्षक डॉ विजय श्री ,डॉ सुधा निकेतन रंजनी ,डॉक्टर पूनम श्रीवास्तव ,डॉ अंजू कुमारी, डॉ शुमैला फातिमा ,डॉक्टर युगल प्रसाद ,डॉ अनिता कुमारी, डॉ नेहा वर्मा ,डॉक्टर राजबाला डॉ और प्रीति कुमारी आदि इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।


प्राचीन भारतीय गौरवशाली इतिहास पढ़ने और पढ़ाने की जरूरत है:प्राचार्या आभा सिंह