
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)31 अगस्त।जिला शिक्षा पदाधिकारी दुमका भूतनाथ रजवार के द्वारा कल आयोजित बैठक में संकुल साधन सेवियों पर की गई कार्रवाई का असर आज स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। आदेशानुसार आज जिला शिक्षा कार्यालय सहित सभी प्रखंड संसाधन केंद्र खुले रहे, जहां मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना को विशेष फोकस कर कार्य संपादित किया गया।
कल तक जहां 3290 विद्यालय पंजीकृत थे, वहीं आज संख्या बढ़कर 4500 से अधिक हो गई। रानीश्वर, गोपीकांदर, काठीकुंड एवं मसलिया प्रखंड में शत-प्रतिशत विद्यालयों का पंजीकरण सुनिश्चित कर लिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार ने कहा कि यदि सभी संकुल ईमानदारी व तत्परता से कार्य करें तो बिना कार्रवाई के ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाह कर्मियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “आप बेहतर कार्य करेंगे तो विभाग की ओर से आपको पुरस्कृत भी किया जाएगा, किंतु काम में लापरवाही करने वालों को या तो कार्य करना होगा या कार्य छोड़ना होगा,” उन्होंने कहा।
जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार हेंब्रम ने कहा कि यदि गोपीकांदर जैसा दूरस्थ प्रखंड उत्कृष्ट कार्य कर सकता है तो दुमका मुख्यालय प्रखंड का पीछे रहना शोभनीय नहीं है। इससे जिले की छवि प्रभावित होती है।
अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी देवेश कुमार सिन्हा ने कहा कि यदि सभी मिलकर लगन और परिश्रम से कार्य करें तो जिले की रैंकिंग अवश्य बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि कई बार निर्देश देने के बाद भी सुधार नहीं होने पर विभाग को कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ता है। “जो कार्य बीईईओ एवं बीपीओ स्तर से होना चाहिए, उसे जिला स्तर से करना पड़ रहा है, जो उचित नहीं है।
