राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 के अवसर पर गिरिडीह में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन बड़े ही उत्साह और जोश के साथ किया गया।

“खेलों से न केवल अनुशासन और टीम भावना विकसित होती है बल्कि यह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखता है: उपायुक्त रामनिवास यादव
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)30 अगस्त।पर्यटन कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर गिरिडीह आउटडोर स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आज दूसरा दिन था। इस अवसर पर 200 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें बालक एवं बालिका दोनों वर्गों के प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समारोह की शुरुआत जिला खेल पदाधिकारी, गिरिडीह द्वारा अतिथियों को फूलदान भेंट कर किया गया। इसके उपरांत उपायुक्त, उप विकास आयुक्त एवं अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिला खेल पदाधिकारी, गिरिडीह ने सभी का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और आयोजित प्रतियोगिताओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। मौके पर उप विकास आयुक्त, स्मृता कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह, श्रीकांत या विस्पुते, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अंजना भारती, डीपीएम JSLPS, प्रशासी पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
इसके पश्चात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उपायुक्त, रामनिवास यादव ने अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियो को प्रेरित करते हुए कहा कि – “खेलों से न केवल अनुशासन और टीम भावना विकसित होती है बल्कि यह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखता है। हमें प्रतिदिन कुछ समय खेल और व्यायाम को अवश्य देना चाहिए ताकि हम फिट और स्वस्थ रह सकें।” आगे उपायुक्त ने कहा कि हमारे जीवन में खेलों का बड़ा महत्व होता है। मनुष्य के स्वस्थ शरीर और दिमाग को विकसित करने के लिए खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल कई प्रकार के होते हैं, जो हमारे शारीरिक के साथ मानसिक विकास में मदद करते हैं। खेलों के जरिए तनाव को आसानी से दूर किया जा सकता है। कई प्रकार के खेल होते हैं, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, रनिंग, साइकिलिंग, योगा आदि भी बीमारी से बचाव का एक प्रमुख कारण है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेल काफी महत्वपूर्ण है। युवा वर्ग में हम सब खेल के प्रति ज्यादा इच्छुक होते हैं। इसलिए खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दे। आगे उपायुक्त ने खिलाड़ियो को खेल भावना के साथ-साथ अनुशासित तरीके से खेलते हुए एक उदाहरण पेश करने की बात कही।
आयोजित प्रतियोगिताएँ
मटका दौड़ (गिरिडीह स्टेडियम): महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने सिर पर मटका रखकर निर्धारित दूरी तय की, जिससे संतुलन और धैर्य की परीक्षा हुई।
भारा दौड़: महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने कंधों पर भार उठाकर दौड़ लगाई, जिसमें शक्ति, सहनशक्ति और संतुलन की असली परीक्षा हुई।
गुलेल प्रतियोगिता (Giridih Stadium): महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों ने पारंपरिक गुलेल से निशाने साधकर अपनी एकाग्रता और निशानेबाजी कौशल का परिचय दिया।
बैडमिंटन प्रतियोगिता (गिरिडीह इंडोर स्टेडियम): अंडर-13 वर्ग की इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट तकनीक और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का प्रदर्शन किया।
सम्मान एवं पुरस्कार वितरण
कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को पदक एवं मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। खिलाड़ियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने जिले में खेलों के प्रति बढ़ते रुझान को स्पष्ट किया।

