जीविका समूह ने रेखा देवी को बनाया आर्थिक रूप से संबल और मुखर।
RKTV NEWS/लखीसराय (बिहार)25 अगस्त।ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने जीविका के सहयोग एवं मार्गदर्शन से महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की मिसाल पेश की है l उन्ही महिलाओं में से एक हैं लखीसराय जिला अंतर्गत सूर्यगढ़ा प्रखंड स्थित गोपालपुर निवासी अर्जुन प्रसाद साह की पत्नी रेखा देवी। रेखा देवी की पहचान सूक्ष्म उद्यमी के तौर पर है।
रेखा देवी के पति उड़ीसा के एक कंपनी में काम करते थे।वो वहां से परिवार के जीवनयापन के लिए काफी कम आर्थिक मदद कर पाते थे।जिसके कारण परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था।ऐसे में रेखा देवी ने खुद अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए व्यवसाय करने की सोची। उन्हें गाँव की महिलाओं ने व्यवसाय के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ने की सलाह दी और रेखा देवी अगस्त 2014 में गीता जीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ गई। विदित हो की समूह कसियाना जीविका महिला ग्राम संगठन से सम्बद्ध है। खुद को स्वावलंबी बनाने और बेटा-बेटी के पालन के उद्देश्य से रेखा देवी ने समूह से 20 हजार रूपया ऋण लेकर मसाला पीसने की मशीन खरीद ली l और घर से ही मसाला का कारोबार शुरू किया l
धीरे-धीरे इनके द्वारा उत्पादित मसालों की मांग बढ़ने लगी और इनके गांव के साथ ही आस पास के गांवों में भी मांग बढ़ने लगी।अब रेखा देवी की पहचान गाँव की सूक्ष्म व्यवसाई के रूप में होने लगी।सूक्ष्म व्यवसाई के रूप में मिली पहचान के कारण पी.एम्.ऍफ़.एम्.ई योजना के अंतर्गत लाभ देने के लिए रेखा देवी का चयन जीविका द्वारा किया गया।वर्ष 2023 में इन्हें मसाला निर्माण एवं बिक्री व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए रेखा देवी को गीता जीविका महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 40 हजार रुपये की राशि मिली।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्धम योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजना है जिसे आत्मनिर्भर भारत योजना के भाग के रूप में शुरू किया गया है l इस योजना के तहत केंद्र सरकार उन लोगों को आर्थिक मदद करती है जो फ़ूड इंडस्ट्री में काम करना चाहते हैं l
इस योजना के तहत मिली राशि से रेखा देवी ने पैकेजिंग मशीन सहित अंत उपकरण ख़रीदा जो व्यवसाय को बढ़ाने के लिए जरुरी थे।पी.एम्.ऍफ़.एम्.ई योजना से मिली राशी ने इन्हें आर्थिक तौर पर संबल प्रदान किया।गैर कृषि जीविकोपार्जन विधा ने इनके पुश्तैनी कारोबार को गति प्रदान की।
रेखा देवी हल्दी, धनिया, मिर्ची और जीरा पावडर बनाती हैं।खुद के द्वारा उत्पादित मसाले की आपूर्ति स्कुल, होटल एवं स्थानीय बाज़ार में करती हैं।इनके द्वारा उत्पादित बेसन की भी बड़ी मांग है।अब प्रति माह उन्हें 20 से 25 हजार रुपये की आमदनी हो रही है l रेखा देवी की सफलता से प्रभावित होकर जीविका समूह से जुडी कई महिलाओं ने फ़ूड प्रोसेसिंग का व्यवसाय शुरू किया है l
जीविका परियोजना से मिले सहयोग एवं पी.एम्.ऍफ़.एम्.ई योजना से मिले लाभ के बाद रेखा देवी की परिसंपत्ति बढती ही गई।साथ उनके घर में शैक्षणिक माहौल भी बना l उनका बेटा स्नातक अंतिम वर्ष का छात्र है और बेटी जी.एन.एम् का कोर्स कर रही है l गाँव में मिली पहचान ने उन्हें मुखर महिला भी बनाया है l अब इनके पति उड़ीसा से लौट आये हैं और इन्हें मदद कर रहे हैं l

