
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)24 अगस्त।चरपोखरी प्रखंड के सोनवर्षा गांव स्थित ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी नारायण तोताद्री मठ परिसर, इस साल कृष्ण जन्माष्टमी से लेकर छठीहार तक मानो मथुरा धाम में तब्दील हो गया था। मठ के मठाधीस स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज के सानिध्य में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम पूरे क्षेत्र के लिए आस्था का केंद्र बन गया।
जन्माष्टमी के दिन से ही मठ परिसर में चारों ओर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट ने एक अद्भुत और अलौकिक वातावरण बना दिया था। इस पूरे आयोजन के दौरान गांव और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर होकर यहां पहुंचे।शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण के छठीहार के साथ इस भव्य आयोजन का समापन हुआ। इस विशेष अवसर पर भगवान गिरधर गोपाल को 56 भोग लगाकर उनकी विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के प्रकांड विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए।जिसने वातावरण को और भी पवित्र बना दिया।इधर जन्माष्टमी के दिन से ही शुरू हुआ हरि कीर्तन का सिलसिला छठीहार के भंडारे के साथ समाप्त हुआ। इस दौरान प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज ने बताया कि जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान हर दिन धार्मिक अनुष्ठान और हरि कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे पूरा इलाका कृष्ण भक्ति में डूब गया था। इस मौसम में पूरे जिले भर से आए हुए हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया।
