
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)23 अगस्त।मित्रों एक औषधि का वृक्ष होता है बहेड़ा। आयुर्वेद में इसका बड़ा महत्व होता है। शरीर में त्रिदोष नाशक आयुर्वैदिक चूर्ण त्रिफला कहलाता है। यह बात, पित्त, कफ, तीनों को संतुलित कर व्यक्ति को पूर्णत: स्वस्थ बनाता है। इसका सूखा फल कुछ खाकी रंग जैसा होता है और इसका ऊपरी हिस्सा औषधि के काम में लिया जाता है। तथापि इसके बीज को फोड़कर बादाम जैसे स्वाद वाली गिरी निकलती है जो स्वाद में अच्छी लगती है।
इसी तरह सभी उपस्थित समुदाय ने फल देने वाले एवं दवा के रूप में काम में आने वाले पौधों का रोपण किया। यह पौधारोपण का विशेष कार्यक्रम आज इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय परिवार द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं पौधे सुनील दुबे वृक्षमित्र ने उपलब्ध कराए। कार्यक्रम के संयोजन में विशेष सहयोग वी के श्रीवास्तव ने किया। पर्यावरण प्रेमी सुनील दुबे वृक्ष मित्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दुष्यंत संग्रहालय के सभी पदाधिकारी और अन्य पर्यावरण प्रेमियों ने बड़ी संख्या में पौधरोपण किया।
इस अवसर पर दुष्यंत संग्रहालय के अध्यक्ष रामराव वामनकर,निदेशक करुणा राजुरकर,मानव संग्रहालय के निदेशक अमिताभ पांडे के साथ-साथ महेश सक्सेना, सुरेश पटवा, गोकुल सोनी, हरिवल्लभ शर्मा,घनश्याम मैथिल अमृत, बिहारी लाल सोनी अनुज दम्पत्ति, रमेश भुमरकर,मीनू पांडे,वी के श्रीवास्तव , कविता शिरोले, डी आर गुजरे,अनिल खरे, नारायण व्यास दम्पत्ति, गिरीश थत्ते दंपत्ति, हाबी ग्रुप के सदस्य और मानव संग्रहालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम हेतु संग्रहालय के निदेशक अमिताभ पांडे ने गड्ढे पहले से ही खुदवा रखे थे। उनसे जानना चाहा कि ये पौधे वृक्ष बन जाएं इस हेतु पानी और देखभाल तो होगी न? उन्होंने बताया कि यहां पौधों की बड़ी फिक्र से देखभाल की जाती है।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि सुनील दुबे वृक्षमित्र ने सभी को पर्यावरण संरक्षण एवं पानी, पालीथीन आदि उपयोग में न लाने की शपथ दिलाई।
