RK TV News
खबरें
Breaking Newsराष्ट्रीय

जयपुर:जमवारामगढ़ में क्लाउड सीडिंग परीक्षण का शुभारंभ।

क्लाउड सीडिंग द्वारा रामगढ़ झील को पुनर्जीवित कर जल संकट दूर करना ही हमारी प्राथमिकता- डॉ. किरोडीलाल मीणा
टेक्नोलॉजी डेमो ड्रोन का भीड़ जाने के बाद जीपीएस मिलने से सफलता पूर्वक 400 फीट तक डेमो कृषि मंत्री की उपस्थिति में दिया गया।

RKTV NEWS/जयपुर(राजस्थान)13 अगस्त। कृषि मंत्री डॉ. किरोडीलाल मीणा के अथक प्रयास से मंगलवार को जवमारामगढ़ बांध के इलाके में ड्रोन से कृत्रिम बारिश करवाने की कार्यवाही शुरु की गई।
विज्ञान, आधुनिक तकनीक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अद्भुत समन्वय के क्लाउड सीडिंग के माध्यम से करवाई जा रही कृत्रिम वर्षा को देखने के लिए भीड़ अनुमान से अधिक आई। भीड़ को कम करके ड्रोन को उड़ाने का प्रयास भी किया गया परन्तु भीड़ अधिक होने से नेटवर्क जाम हो गया, जिससे जीपीएस सिंगल लॉस होने से ड्रोन ऑटो लैंडिंग मोड में आ जाने के कारण लेंड हो गया। भीड़ कम हो जाने के बाद कृषि मंत्री के सामने ड्रोन द्वारा 400 फीट की हाइट तक डेमो सफलतापूर्वक दिया गया।
कृत्रिम बारिश के लिए वैज्ञानिकों की टीम जयपुर में है जो लगातार अपने स्तर पर ड्रोन से कृत्रिम बारिश का परीक्षण कर रहे हैं। रामगढ़ बांध पर कृत्रिम बारिश के प्रयोग के शुभारंभ पर कृषि मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का अयोजन किया गया, जिसने हजारों की तादात में लोगों ने भाग लिया है।
डॉ. किरोडीलाल मीणा ने कहा कि इस क्लाउड सीडिंग का मुख्य उद्देश्य रामगढ़ झील को पुनर्जीवित करना, जल संकट को कम करना और क्षेत्र में पारिस्थितिकी तंत्र संतुलन बहाल करना है। यह एक अनुसंधान एवं विकास आधारित पायलट प्रोजेक्ट है, जिसमें आधुनिक ड्रोन बेस्ड क्लाउड सीडिंग तकनीक और एआई का उपयोग कर वर्षा को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा दिया जायेगा।
भारत में पहली बार ड्रोन बेस्ड क्लाउड सीडिंग की जा रही है। इसमें ‘हाइड्रो ट्रेस’ नाम का एआई पावर्ड प्लेट फॉर्म इस्तेमाल हो रहा है, जो रियल टाइम डेटा, सेटेलाइट इमेजिंग और सेंसर नेटवर्क की मदद से सही समय और सही बादलों को टारगेट करता है। यह 30 दिनों तक चलने वाला पायलट मिशन है।
उन्होंने बताया कि ड्रोन बेस्ड क्लाउड सीडिंग में ड्रोन को बादलों के पास भेजा जाता है, जहां यह सोडियम क्लोराइड या अन्य सुरक्षित सीडिंग ऐजेंट्स छोड़ता है। इससे बादलों में मौजूद नमी के कण आपस में मिलकर पानी की बूंदों में बदल जाते हैं और बारिश होती है। यह मिशन 12 अगस्त से शुरु होकर लगभग 60 दिनों तक चलेगा शुरुआती प्रभाव हमें तुरंत बारिश के रूप में दिखेगा, लेकिन लंबे समय में इसका असर झील के जल स्तर, भुमिगत जल भंडार और कृषि उत्पादन पर पड़ेगा।
कृषि मंत्री ने बताया कि यह तकनीक बिल्कुल सुरक्षित है और इसमें इस्तेमाल होने वाले एजेंट्स, बहुत कम मात्रा में और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रयोग किये जाते हैं। यह मानव, पशु तथा फसलों के लिए हानिकारक नहीं हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट के दौरान भी पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन किया जायेगा।
डॉ. किरोडीलाल मीणा ने कहा कि यह रामगढ़ में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरु किया जा रहा है। अगर यह सफल होता है तो हम देश और प्रदेश के अन्य सूखा प्रभावित इलाकों में भी इसे लागू कर सकते हैं, जिससे जल संकट कम होगा और कृषि को स्थायी पानी का स्रोत मिलेगा। इस प्रोजेक्ट द्वारा किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, फसलों की पैदावार बढ़ेगी और सूखे का असर कम होगा। साथ ही भूमिगत जल भी रिचार्ज होगा जिससे लंबे समय तक फायदा रहेगा।

Related posts

दरभंगा:01 सितम्बर को बेनीपुर के बलनी पंचायत भवन में आयोजित किया जाएगा विधिक जागरूकता।

rktvnews

आरईसी लिमिटेड बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 3,045 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

rktvnews

हनुमानगढ़:भाव, रंग और प्रतिभा से सजाया– मतदान संकल्प का अनुपम कोलाज।

rktvnews

मुख्यमंत्री ने किया विकास भवन एवं विशेश्वरैया भवन में अवस्थित कार्यालयों का औचक निरीक्षण!कई मंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यालय कक्ष में अनुपस्थित मिले।

rktvnews

सारण;आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर जिला परिषद शिक्षक के विरुद्ध दर्ज हुई प्राथमिकी।

rktvnews

केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने ग्वालियर में भारतीय खाद्य निगम के गोदाम का आकस्मिक निरीक्षण किया।

rktvnews

Leave a Comment