
RKTV NEWS/अनिल सिंह,20 मई। आज 20 मई को जिला विधिक सेवा प्राधिकार भोजपुर के तत्वाधान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार,श्री मिथिलेश कुमार की अध्यक्षता में आरा मंडल कारा, भोजपुर में कैदियों के बीच विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सचिव मिथिलेश कुमार द्वारा बताया गया की जेल में बंद कैदियों को पैरोल एवं फरोलो यानी छुट्टी पर कुछ ही दिनों के लिए रिहाई मिलती है, इसके लिए जेल में गठित समिति अथवा माननीय सक्षम न्यायालय के पास आवेदन देना पड़ता है, हालांकि गृह मंत्रालय ने वर्ष 2016 की गाइडलाइन में संशोधित किया है की वैसे कैदी जिनकी रिहाई से समाज या किसी खास व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर खतरा है, उनको पैरोल नहीं दी जा सकती है। पैरोल कैदी की योग्यता और उनके व्यवहार के आधार पर ही दिया जा सकता है। बिहार में कैदियों को छोड़ने के लिए बिहार कैदी नियमावली 1973 एक नियम बनाया गया हैं ,जिसके अनुसार बिहार में कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाता है । इस अवसर पर आरा जेल के जेल अधीक्षक, जेलर के साथ जेल वार्ड के सभी कैदी मौजूद रहे।

