
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 जून। गुरुवार को सहजानंद ब्रहर्षि महाविद्यालय में स्वामी सहजानंद सरस्वती की 75वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसके पूर्व सहजानंद जी के तैल चित्र एवं मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो० पूनम कुमारी ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती अपने युग धर्म के अवतार थे। सामाजिक न्याय के प्रथम उद्घोषक थे। वे किसान आन्दोलन के प्रणेता थे। वे अप्रतिम योद्धा, दार्शनिक लेखक और समाज सुधारक थे। उनके महाप्रयाण दिवस पर कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि देती हूँ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो० (डॉ०) बलिराज ठाकुर ने उन्हें महान किसान नेता, सनातन धर्म के संवाहक, निर्भिकता और निडरता के सशक्त हस्ताक्षर कहा।
इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट अतिथि प्रो० गौरीशंकर प्रधान ने कहा स्वामी सहजानंद सरस्वती किसान आंदोलन के जनक, स्वतंत्रता सेनानी, लेखक, इतिहासकार, कमजोर वर्गों के मसीहा थे। वे आदि शंकराचार्य परम्परागत दण्डी सन्यासी थे।
इस अवसर पर डॉ० अरविन्द कुमार सिंह, डॉ० नीतू देवी, डॉ० हितु कुमारी, डॉ० स्मिता ठाकुर, डॉ० धनंजय प्रसाद राय, डॉ० राकेश चौधरी, डॉ० बैंकटेश, डॉ० राधिका रमण सिंह, डॉ० अशोक तिवारी, डॉ० अनन्त कुमार चौधरी, कृष्ण भाष्कर कुमार, सुमीर कुमार, अमित मिश्रा, विपिन, अभिषेक इत्यादि उपस्थित थे।
