
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 26 अप्रैल। भोजपुर जिला के शाहपुर प्रखंड के लच्छू टोला पंचायत के सुरेमनपुर गाॅव मे हो रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अवसर पर प्रवचन करते हुए श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि संस्कार से ही आपके कर्मों की पहचान होती है। मनुष्य कितनी भी ऊँचाई पर पहुँच जाय उसे अपने विचारों एवं कर्मों को नहीं भूलना चाहिए। गलत कर्म वाले लोगों की पहचान खुद हो जाती है। बताना नहीं पङता है। उन्होंने लोगों को अच्छा कर्म करने का संदेश दिया भले ही उसके लिए कठिनाई का सामना क्यों न करना पङे। स्वामी जी ने कहा कि पद एवं प्रतिष्ठा वाले लोग अपने स्वभाव तथा कर्म की पहचान समय के मुताबिक करते हैं। कर्म कभी भी प्रभावशील रहेगा। इसलिए अपने कर्मों को अच्छे मार्ग पर ही लगायें। महाभारत के प्रसंग पर चर्चा करते हुए स्वामी जी ने कहा कि अर्जुन को भी परेशानी झेलनी पङी थी। जब कठिन समय आता है तो लोग भगवान को याद करते हैं। जब काम हो जाता है तथा पद एवं प्रतिष्ठा मिल जाती है तो दूरी बना लेते हैं। चाहे जितने बङे हो जायें अपने स्वरूप को नहीं छोङें। उन्होंने कहा कि समय बलवान होता है। इसलिए मनुष्य को अपने कर्म, आचरण और स्वभाव को अच्छा रखना चाहिए। महायज्ञ में संत उद्धव स्वामी जी महाराज, संत अयोध्या नाथ दास जी महाराज, संत बैकुंठ दास जी महाराज, संत मुक्तिनाथ दास जी महाराज सहित कई संत महात्मा उपस्थित हैं। यज्ञ के आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्ति के सागर में डूबा हुआ है। माहौल भक्तिमय बन गया है। यज्ञ स्थल बिजली के तरह-तरह के आकर्षण लाइट से और बिजली की चकाचौंध से पटा हुआ है।
