
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 21 अप्रैल। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की नई कुलपति डा. लवली शर्मा ने एक संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है – मेरे द्वारा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कुलपति का पदभार ग्रहण करने के उपरांत जिस प्रकार विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, संगतकारों एवं विवि परिवार के अन्य सदस्यों तथा यहां के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वागत किया गया उससे मैं अत्यंत प्रसन्नचित हूं। साथ ही पदभार ग्रहण करने के उपरांत नगर के प्रतिष्ठित समस्त पत्रकारगणों के साथ पत्रकारवार्ता एवं छत्तीसगढ़ के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव से सौजन्य भेंट तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टर के द्वारा स्वागत के दौरान उनके विश्वविद्यालय को सहयोग दिये जाने संबंधी आश्वासन से मैं भाव विभोर हूं। संगीत नगरी खैरागढ़ में यहां के राजा श्री वीरेन्द्र बहादुर सिंह एवं रानी पद्मावती द्वारा अपने महल को संगीत की सेवा हेतु समर्पित करते हुए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना करना और उस विश्वविद्यालय में मुझे कुलपति के रूप में कार्य करने का जो अवसर प्राप्त हुआ है उससे मैं अत्यंत प्रसन्न हूं। तथा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के शिक्षकों, अधिकारियों, संगतकारों, कर्मचारियों से प्राप्त आश्वासन तथा शहर के जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों तथा जिला प्रशासन के मुखिया श्री चंद्रकांत वर्मा, कलेक्टर से मिले आश्वासन एवं सहयोग का मान रखते हुए मैं आश्वस्त करती हूं कि विश्वविद्यालय के विकास हेतु मैं समर्पित भाव से संगीत की सेवा के लिये तत्पर रहूंगी। साथ ही विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करने हेतु विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इसके उत्तरोत्तर विकास हेतु कार्य करने का हर संभव प्रयास करूंगी। निश्चय ही खैरागढ़ संगीत नगरी ही नहीं अपितु सात सुरों की मिठास वाला नगर है और यहां के लोगों से मुझे जो प्यार एवं अपनत्व प्राप्त हो रहा है उससे मैं अत्यंत आह्लादित हूं। एक बार मैं पुनः आश्वस्त करती हूं कि संगीत की सेवा के लिये मैं समर्पित भाव से कार्य संपादित करती रहूंगी। मेरा पूर्ण विश्वास है कि यह सांगीतिक प्रांगण आह्लादपूर्ण एवं स्वच्छंद गति से विकास की ऊंचाइयों को छूएगा।
