RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

नारी !

नारी !

नारी होती देवी अवतार
यही रचती संसार
यही पालती संसार
यही जन्माती वीर संतान
इसमें ही बहता ममता सागर
यही करती जगत् कल्याण
यही देती शिक्षा संस्कार
यही ही होती सब सुख धाम
यही होती घर का श्रृंगार
बिनु नारी घर श्मशान।
जहाँ होता नारी अपमान
वहाँ होता विपुल विनाश
कौरवों ने किया एक नारी अपमान
हो गया उसका कुल समेत नाश।
इतना ही नहीं
नारी रखती शक्ति अपार
जब करतीं असुरवृत्तियाँ अत्याचार
तब यह काली दुर्गा सम हो
कर बैठती उनका समूल नाश।
रचनाकार: धर्मदेव सिंह

Related posts

राज्यपाल, त्रिपुरा इंद्रसेन रेड्डी नल्लू तथा केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक द्वारा पुरस्कार वितरण के साथ हुआ दिव्य कला मेला, त्रिपुरा का समापन।

rktvnews

चतरा:उपायुक्त ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण।

rktvnews

रायपुर : मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व.अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन।

rktvnews

भोजपुर: बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी संघ के जिला कार्यालय में किया गया झंडोतोलन।

rktvnews

भोजपुर:समस्याओं से जूझते कर्मचारियों की सुनने वाला कोई नही:प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष चितरंजन

rktvnews

मध्यप्रदेश:”सी-विजिल एप” पर उल्लंघन की मिली 4 हजार 292 शिकायतें।

rktvnews

Leave a Comment