सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने पर जोर।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर )26 अक्टूबर।प्रधानमंत्री राहत (PM RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आज विद्या भवन सभागार, आरा में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों एवं अस्पतालों के बीच समन्वय सुदृढ़ करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में बताया गया कि योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिनों तक, प्रति व्यक्ति अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे, अर्थात ‘गोल्डन आवर’ में उचित चिकित्सा मिलने से जीवन बचाने की संभावना बढ़ती है। इसलिए घायल को तत्काल उपयुक्त अस्पताल पहुँचाने एवं उपचार प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान अस्पतालों द्वारा TMS 2.0 पोर्टल पर पीड़ित का विवरण दर्ज करने तथा पुलिस द्वारा iRAD/eDAR प्रणाली के माध्यम से दुर्घटना एवं पीड़ित का सत्यापन करने की तकनीकी प्रक्रिया समझाई गई। पात्र मामलों में समय पर सत्यापन, आवश्यक विवरण की सही प्रविष्टि एवं अस्पतालों के साथ त्वरित समन्वय की आवश्यकता बताई गई।
कार्यशाला में आपातकालीन उपचार को औपचारिकताओं के कारण विलंबित नहीं करने, एंबुलेंस सेवाओं एवं डायल 112 के बीच समन्वय बनाए रखने तथा लंबित मामलों की नियमित निगरानी पर बल दिया गया। योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं संबंधित पदाधिकारियों तथा अस्पताल प्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद पर भी जोर दिया गया।
कार्यशाला में उप विकास आयुक्त, भोजपुर, सिविल सर्जन, भोजपुर, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा आयुष्मान योजना से संबद्ध 39 अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

