लोक लेखा समिति ने लंबित लेखा आपत्तियों की विभागवार समीक्षा की, दिए जरूरी दिशा-निर्देश।
RKTV NEWS/गिरिडीह(झारखंड)26 अक्टूबर। झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष,मनोज कुमार यादव एवं समिति के सदस्यों के गिरिडीह परिसदन आगमन पर उपायुक्त, रामनिवास यादव एवं पुलिस अधीक्षक, डॉ. बिमल कुमार ने पुष्पगुच्छ (बुके) प्रदान कर उनका स्वागत किया। इसके उपरांत समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में गिरिडीह परिसदन में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मामलों, प्रतिवेदनों एवं लेखा आपत्तियों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निष्पादन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में समिति के सदस्य सह बरकट्ठा विधायक, अमित कुमार यादव, सदस्य सह विधायक बहरागोडा, समीर महंती, मनोहरपुर विधायक, जगत मांझी एवं कोलेबिरा विधायक, नमन विक्सल कोंगाड़ी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित सामान्य, सामाजिक, आर्थिक एवं राजस्व प्रक्षेत्रों की लंबित आपत्तियों, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदनों तथा स्थानीय निकायों के वार्षिक तकनीकी निरीक्षण प्रतिवेदन में दर्ज लंबित कंडिकाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति एवं उनके निराकरण के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की।
लंबित मामलों के निष्पादन के लिए नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति का निर्देश
समिति ने निर्देश दिया कि लोक लेखा समिति से संबंधित लंबित मामलों के प्रभावी अनुश्रवण एवं त्वरित निष्पादन के लिए प्रत्येक जिले में नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लंबित आपत्तियों के निराकरण की दिशा में ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई करें। बैठक में वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षा प्रतिवेदनों में दर्ज आपत्तियों तथा वर्ष 2014-15 के स्थानीय निकायों से संबंधित वार्षिक तकनीकी निरीक्षण प्रतिवेदन में लंबित आपत्तियों की समीक्षा की गई। समिति ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कंडिकाओं का बिंदुवार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने एवं अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की दिशा में तेजी लाने का निर्देश दिया।
विभागवार समीक्षा कर जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर
समिति द्वारा वन विभाग, पुलिस विभाग, खनन विभाग, प्रदूषण विभाग, निबंधन विभाग, पंचायती राज विभाग, उत्पाद विभाग, परिवहन विभाग, वाणिज्यकर विभाग, ऊर्जा विभाग, आपूर्ति विभाग, भू-अर्जन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि एवं सहकारिता विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित आपत्तियों के कारणों, अब तक की गई कार्रवाई तथा उनके निराकरण में आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। समिति ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लेखा संबंधी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए। सरकारी अभिलेखों एवं वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने, विभागीय समन्वय सुदृढ़ करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, स्मृता कुमारी, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला कोषागार पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला गव्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विशेष प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता, विशेष प्रमंडल सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।

