शिकायत में ₹2 लाख की कथित वसूली और वन विभाग के कर्मियों की संलिप्तता का आरोप, एक सप्ताह में कार्रवाई प्रतिवेदन देने को कहा।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)16 अक्टूबर।गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड अंतर्गत कनहर नदी के विभिन्न घाटों से अवैध बालू उत्खनन कर वन विभाग की भूमि पर बालू का भंडारण किए जाने तथा इस क्रम में पेड़ों की कटाई किए जाने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में प्राप्त शिकायत एवं जिलास्तरीय जांच दल की जांच के आलोक में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने वन प्रमंडल पदाधिकारी, दक्षिणी वन प्रमंडल को पत्र लिखकर मामले की नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धुरकी क्षेत्र में जेसीबी एवं लोडर मशीनों का उपयोग कर वनभूमि पर पेड़ों की कटाई की जा रही है तथा भूमि को समतल कर अवैध बालू का भंडारण किया जा रहा है। शिकायत में इस अवैध गतिविधि में कुछ व्यक्तियों तथा वन विभाग के स्थानीय कर्मियों की कथित संलिप्तता का भी उल्लेख किया गया है। आरोपों की सत्यता की जांच की जानी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वनभूमि पर अवैध बालू भंडारण के लिए कथित तौर पर ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की वसूली किए जाने के बाद वन विभाग की भूमि उपलब्ध कराई जाती है। आवेदन में वनपाल, वनरक्षी एवं रेंजर की कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जिला प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वनभूमि पर पेड़ों की कटाई एवं बालू भंडारण से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहे हैं। आश्रयस्थल नष्ट होने के कारण जंगली जानवर आसपास के गांवों की ओर आने को विवश हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों की जान-माल एवं फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।
आवेदक द्वारा साक्ष्य के रूप में वनभूमि पर पेड़ों की कटाई एवं अवैध बालू भंडारण से संबंधित वीडियो तथा जीपीएस फोटोग्राफ उपलब्ध कराए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा गठित जिलास्तरीय जांच दल ने धुरकी प्रखंड के संबंधित क्षेत्र में भारी मात्रा में बालू का भंडारण पाया है।
मामले की गंभीरता एवं वनभूमि के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने वन प्रमंडल पदाधिकारी, दक्षिणी वन प्रमंडल से अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की नियमानुसार जांच कराई जाए। जांच में जिन व्यक्तियों की संलिप्तता प्रमाणित हो, उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा वनभूमि पर अवैध बालू भंडारण एवं पेड़ों की कटाई की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उपायुक्त ने की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जिला प्रशासन ने वनभूमि, प्राकृतिक संसाधनों एवं वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के संरक्षण के लिए मामले में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है।

