
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)03 अक्टूबर।भाकपा-माले,आइसा और आरवाईए द्वारा माले जिला कार्यालय श्रीटोला आरा में प्रेस-वार्ता आयोजित कर आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भकुरा पंचायत स्थित इंदिरा आ. प्राथमिक विद्यालय, श्रीनगर की बदहाल स्थिति के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की गई।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव ने ने कहा कि सरकारी स्कूलों की बदहाली केवल शिक्षा विभाग की लापरवाही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के प्रति सरकार की प्राथमिकताओं को भी उजागर करती है। श्रीनगर का विद्यालय बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल है,और उस विद्यालय का छत नीचे गिर गया सौभाग्य की बात है कि कोई अनहोनी नहीं हुई , सिर्फ रसोइया का पैर में चोट लगी है और अभीतक जिला प्रशासन के तरफ से कोई पहलकदमी नहीं ली गई है, इसे प्रशासनिक उदासीनता के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार एक ओर शिक्षा में सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के स्कूल बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भवन, शिक्षक, शौचालय, पेयजल और सुरक्षित वातावरण जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। 5 अक्टूबर को सड़क पर स्कूल लगाकर सरकार और प्रशासन को यह संदेश दिया जाएगा कि गरीब और ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के सवाल को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
आइसा जिलाध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि श्रीनगर के इंदिरा आ. प्राथमिक विद्यालय की स्थिति सरकारी शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने लाती है। सरकार को स्कूलों की बदहाली दूर करने के बजाय केवल आंकड़ों और घोषणाओं की राजनीति बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो–शिक्षा सुधारो’ अभियान के तहत आइसा लगातार शिक्षा के बुनियादी सवालों को उठाएगा। आरा के विधायक संजय टाइगर बिहार के उच्च शिक्षा मंत्री है उनको भी इसका जवाब देना होगा। 5 अक्टूबर का ‘सड़क पर स्कूल’ कार्यक्रम इसी संघर्ष की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शिक्षा का अधिकार है,लेकिन श्रीनगर के विद्यालय में जरूरी सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय है।!प्रशासन तत्काल स्कूल की समस्याओं का समाधान करे,अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आइसा जिला सचिव जयशंकर प्रसाद ने कहा कि शिक्षा के अधिकार की बात तभी सार्थक होगी, जब गांव-गरीब के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक शिक्षा का माहौल मिले। श्रीनगर के स्कूल की बदहाली के खिलाफ छात्र-युवा मिलकर आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर को ‘सड़क पर स्कूल’ के माध्यम से सरकार को शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत दिखाई जाएगी। सरकार यदि समय रहते कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को पंचायत से लेकर जिला स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।
आरवाईए जिलाध्यक्ष विशाल कुमार कुमार ने कहा कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से गंभीर पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर का कार्यक्रम बच्चों की शिक्षा और स्कूल की बुनियादी सुविधाओं के सवाल पर जनदबाव बनाने का अभियान है। सरकार और प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर विद्यालय की समस्याओं का समाधान करे।
आरवाईए जिलाध्यक्ष सचिव निरंजन केसरी ने कहा कि सम्राट चौधरी की सरकार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गया है स्कूल के बने हुए महज चार-पांच साल ही हो पाया है और स्कूल का छत गिर जा रहा है!इस सरकार में हज़ारों की सरकारी स्कूल बंद हो रहें हैं!लेकिन यह सरकार बेहतर शिक्षा का ढोंग कर रही है!
प्रेस कांफ्रेंस में भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य विजय ओझा,क्यामुद्दीन अंसारी,संगीता सिंह,आइसा नेता रौशन कुशवाहा,नीतू कुमारी,वर्षा कुमारी,अखिलेश गुप्ता,साहिल अरोरा,धनोज यादव,शिवाकांत कुमार,गोविंदा कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे!
