पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 11अप्रैल। पटना सहित बिहार और पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्योहार परंपरागत रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुसलमान भाइयों ने ईद की नमाज अदा की। एक दूसरे से गले मिले और ईद की मुबारकबाद दी। मुसलमान भाइयों ने अपने मुसलमान और हिंदू मित्रों एवं सगे संबंधियों को ईद की दावत दी। मुसलमान भाइयों और रोजेदारों ने 30 दिन तक रोजा रखने के बाद ईद को परंपरिक तरीके से खुशी-खुशी मनाया। राजधानी पटना मे रांची, बनारस और पश्चिम बंगाल की सेवई को लोगों ने खूब चाव से खरीदा। बनारसी भूनी सेवई, जर्दा सेवई, फिरनी, सादा और केमामी सेवई की खूब मांग दिखी। सेवई की कीमत 80 से 350 रुपये प्रति किलो के बीच रहा। शुद्ध घी के बने लच्छों को भी लोगों ने काफी पसंद किया और उसकी खरीददारी की। सेवई, बाकरखानी जैसे अन्य खाद्य पदार्थों की खूब बिक्री हुई। कपड़ा, टोपी, रुमाल और कॉस्मेटिक की जमकर खरीदारी हुई। पटना मार्केट, सब्जीबाग, राजा बाजार सहित अन्य बाजारों में भी रौनक दिखी। पटना मार्केट और सब्जी बाग में तो पैदल चलने की भी जगह नहीं मिल रही थी। लोग अपने परिवार के साथ बाजारदारी और खरीददारी करने निकले हुए थे। ईद की नमाज नये कपड़ों में अदा करने की परंपरा है। लोगों ने नये कपड़ों की खूब खरीदारी की। महिलाओं ने कपड़ों के साथ-साथ कॉस्मेटिक भी जमकर खरीदे। बाजार में अफगानी टोपी, पठानी टोपी, पाकिस्तानी टोपी, तुर्की टोपी के अलावा अराफाती रुमाल, सऊदी रुमाल के कई रेंज दिखे। दुकानों पर खरीदारी के लिए जमकर भीड़ दिखी। सब्जी बाग सहित अन्य बाजार सीरीज बल्ब और भिन्न-भिन्न तरह के लाइट से जगमग हो रहे थे। बिजली की चकाचौंध से रात और दिन में कोई फर्क नजर नहीं आ रहा था। चांद की रात को इफ्तार के बाद लोगों ने भरपूर खरीदारी की। ईद का त्यौहार मुसलमान भाइयों ने जमकर मनाया। कई हिंदू भाइयों ने अपने मुसलमान मित्रों और भाइयों के साथ मिलकर ईद मनाया और आपसी सद्भाव की मिशाल कायम की।




