
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)01 जुलाई।समाहरणालय सभागार उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्द्धन परिषद (DTPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण, आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि दुमका एवं संताल परगना क्षेत्र प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इन स्थलों का सुनियोजित विकास कर उन्हें राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी स्वीकृत योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में मसानजोर पर्यटन क्षेत्र में विशाल राष्ट्रीय ध्वज (झंडा) के अधिष्ठापन, सेल्फी ब्रिज के सौंदर्यीकरण, संताल काटा पोखर के जीर्णोद्धार सहित अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए। साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए आधारभूत संरचनाओं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, संकेतक बोर्ड, विश्राम स्थल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक में उपस्थित दुमका सांसद नलिन सोरेन ने जिले में नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए रानीश्वर, तातलोई तथा गोपीकांदर प्रखंड के सिलगी क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आवश्यक योजनाएं तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पर्याप्त प्राकृतिक एवं धार्मिक संभावनाएं हैं, जिनका समुचित विकास होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने जिले में निर्मित इको कॉटेज को पर्यटन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
दुमका विधायक बसंत सोरेन ने संताल काटा पोखर के जीर्णोद्धार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने का सुझाव दिया तथा इसके विकास के दौरान स्थानीय इतिहास एवं सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने सिरसानाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं समग्र विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।
लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने पूरे संताल परगना के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक टूरिस्ट सर्किट के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़कर योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा तो पर्यटक अधिक समय तक इस क्षेत्र में ठहरेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
शिकारीपाड़ा विधायक आलोक सोरेन ने कहा कि संताल परगना में अनेक ऐसे प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल हैं जो अभी भी व्यापक रूप से लोगों की जानकारी में नहीं हैं। ऐसे अनएक्सप्लोर्ड पर्यटन स्थलों की पहचान कर उन्हें विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं का बेहतर उपयोग किया जा सके।
जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने बासुकीनाथ धाम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए भागलपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश द्वार पर नंदी चौक के निर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे श्रद्धालुओं का स्वागत आकर्षक ढंग से होगा तथा धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास के लिए व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, डिजिटल प्रचार-प्रसार, स्थानीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के विपणन तथा पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
