कल सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में भाकपा-माले नेताओं की टीम भरत तिवारी के परिवार से मिलेगी।
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)18 जून।भाकपा-माले के केंद्रीय कमेटी सदस्य एवं सांसद सुदामा प्रसाद ने शाहपुर प्रखंड के बिलौटी निवासी भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि भरत तिवारी जवानिया के कटाव पीड़ितों के सवाल समेत अपने क्षेत्र के विभिन्न जनहित मुद्दों को लगातार उठाते रहे थे और संबंधित अधिकारियों को कई बार मांग-पत्र भी सौंप चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार और प्रशासन ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी उपेक्षा की जिससे वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गए थे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया होता और उनके उपचार की व्यवस्था की होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
सुदामा प्रसाद ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई और बाद में इलाजरत स्थिति में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने इस पूरी घटना को संदिग्ध बताते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था करने के बजाय उसे मौत के घाट क्यों उतारा गया.
उन्होंने कहा कि बिहार में बुलडोजर और एनकाउंटर राज चलाया जा रहा है. कुछ पुलिसकर्मियों के निलंबन से मामले की गंभीरता कम नहीं हो जाती। मुख्यमंत्री को इस घटना की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए जवाब देना चाहिए।
सांसद सुदामा प्रसाद ने मांग की कि भरत तिवारी प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि कल उनके नेतृत्व में भाकपा-माले नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करेगा और पूरे मामले की जानकारी प्राप्त करेगा। इसके बाद पार्टी आगे की कार्रवाई और आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी।
यह जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों को दी।

