प्रतिवाद मार्च के सभा में आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा मुख्य वक्ता रही।
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)18 जून।आइसा बिहार की राज्य स्तरीय कार्यशाला का समापन आज आरा में विशाल प्रतिवाद मार्च के साथ हुआ। मार्च कई जगहों से होते हुए रमना मैदान पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। मार्च में शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और छात्र-युवा अधिकारों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से रखा गया। कार्यक्रम में पूरे बिहार से आए सैकड़ों छात्र-युवाओं ने भाग लिया।
सभा की मुख्य वक्ता आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा ने कहा कि देशभर में छात्र-युवा अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर इलाहाबाद, जयपुर और देश के विभिन्न शहरों में शिक्षा और रोजगार के सवालों पर आंदोलन जारी हैं, और आज उसी कड़ी में भोजपुर की धरती से भी छात्र-युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि बिहार से लेकर देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है और लाखों छात्र-युवा मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक नुकसान झेल रहे हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एनटीए को भंग कर नई, विश्वसनीय और जवाबदेह व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
सभा को आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपांकर, तथा अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक और छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने छात्रों और युवाओं से संगठित होकर शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया तथा कहा कि यह आंदोलन आगे भी लगातार जारी रहेगा।

