
भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)06 जून।5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं जनजातीय आवास प्रदर्शनी परिसर में उत्साहपूर्वक किया गया।
संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि , कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा प्रकृति के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व के भाव को जन-जन तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड निकिता पोरवाल ने संग्रहालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें मालवा की पावन माटी की बेटी होने पर गर्व है तथा भोपाल की धरती पर वृक्षारोपण करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि लॉयन हरिओम जटिया ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सतत अभियान होना चाहिए।
इस अवसर पर लायंस क्लब भोपाल से लॉयन मुनींद्र वेद, लॉयन सुमित अग्रवाल, लॉयन टी.एस. बावल एवं लॉयन संजय गुप्ता गुरजीत सिंह सेठिया ने भी वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने नागरिकों से अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधारोपण करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में भोजपाल मित्र मंडल के आशीष पांडे सहित संग्रहालय के जनसंपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार, डॉ मो. रेहान, धीर सिंह एन. सकमाचा सिंह तपस विश्वास, ललित बागुल, राजीव जैन, डीडी सेनापति सहित बड़ी संख्या में संग्रहालय कर्मी, पर्यावरण प्रेमी एवं आगंतुक उपस्थित रहे।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के उपरांत अतिथियों ने संग्रहालय परिसर स्थित जनजातीय आवास प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति के साथ जनजातीय समुदायों के गहरे संबंध को समझा। अतिथियों ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय जीवन शैली प्रकृति संरक्षण और सतत विकास का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरणीय जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण बना।
