वर्ष 2027 तक मलेरिया के स्थानीक/ स्वदेशी मामलों को शून्य करने तथा 2030 तक मलेरिया मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर अंतर्विभागीय बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित।

मलेरिया से बचाव और नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग पर दिया गया जोर।
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)05 जून।आज मलेरिया रोधी माह (जून 2026) के सफल आयोजन एवं मलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल सभागार में शुक्रवार को एक जिला स्तरीय अंतर्विभागीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न सहयोगी विभागों, विकास संस्थाओं और स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया। इस वर्ष अभियान की थीम “मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” रखी गई है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि मानसून के दौरान जल-जमाव और बढ़ती आर्द्रता (नमी) के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि सभी विभागों और आम नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
देवघर की स्थिति और लक्ष्य
जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार यादव ने राष्ट्रीय रणनीति साझा करते हुए बताया कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2027 तक शून्य स्वदेशी मलेरिया मामला प्राप्त करना और 2030 तक मलेरिया मुक्त राष्ट्र का दर्जा पाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, देवघर जिले का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) मात्र 0.014 है, जो इसे उन्मूलन की दिशा में अग्रणी बनाता है। हालांकि, बाहरी क्षेत्रों से आने वाले संक्रमित मामले अब भी एक बड़ी चुनौती है।
रोकथाम और पर्यावरण पर चर्चा
जिला भीबीडी सलाहकार डॉ. गणेश कुमार यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपते हैं। उन्होंने जल-जमाव रोकने, एंटी-लार्वा छिड़काव, नियमित मच्छरदानी के उपयोग और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने पर जोर दिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और बदलते मौसम चक्र का मच्छरजनित रोगों पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा की।
जन-आंदोलन का संकल्प
बैठक में “हर रविवार मच्छरों पर वार” अभियान को जन-आंदोलन बनाने तथा “आपका सहयोग, प्रयास हमारा – मलेरिया मुक्त हो देवघर हमारा” जैसे नारों के जरिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी -डॉ. संचयन, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल – डॉ. सुषमा वर्मा, चिकित्सा पदाधिकारी -डॉ. दिवाकर पासवान, डॉ. रवि रंजन, डीई, आईडीएसपी- डॉ. मनीष शेखर, डीपीसी प्रवीण कुमार सिंह, पिरामल फाउंडेशन के अभिषेक कात्यायन, जेएसएलपीएस के कुमार राहुल, शिक्षा विभाग के सूरज कुमार श्रीवास्तव, देवघर नगर निगम से श्वेता कुमारी, व नगर परिषद, मधुपुर से टीएन पांडेय के अलावे रवि सिन्हा, कांग्रेस मंडल, राकेश कुमार एमपीडब्ल्यू सहित अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों, एसटीटी, बीटीटी एवं सहिया दीदियों आदि ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

