
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 मई।सहार थाना क्षेत्र के ननौर गाँव निवासी भोजपुरी लोक संस्कृति के अमर प्रहरी भरत सिंह भारती जी को #पद्मश्री सम्मान मिलना पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने 78 वर्षों तक भोजपुरी लोक संगीत की सेवा की और अपनी साधना से लोक परंपराओं को नई पहचान दी। जिस दौर में साधन नहीं थे, उस समय लालटेन की रोशनी में मंच सजाकर, साइकिल और बैलगाड़ी से गांव-गांव जाकर लोकगीतों से पहचान बनाई।भोजपुरी संगीत को #अश्लीलता से दूर रखते हुए उसे सांस्कृतिक और शास्त्रीय गरिमा प्रदान की। पवरिया, लोरी, जतसार, चौहट, कीर्तनिय, डोमकच और विदेशिया जैसी विलुप्त होती लोक विधाओं को न केवल संरक्षित किया बल्कि 5000 से अधिक गीतों के संग्रह और कई #भाषाओं के ज्ञान के साथ उन्होंने मॉरीशस से ऑस्ट्रेलिया तक #भोजपुरी संस्कृति का परचम लहराया।बिहार के लोग उन्हें सम्मानपूर्वक “गुरुजी” कहते हैं।उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्ची लगन, मेहनत और संस्कृति के प्रति समर्पण समाज को नई दिशा दे सकता है।
