
RKTV NEWS/समस्तीपुर ( बिहार)21 मई।खाड़ी देशों में युद्ध की भयावहता के कारण आज विश्व मुश्किलों के दौर से गुज़र रहा है। लोग मंहगाई की मार से त्रस्त हैं और वह सुरसा की तरह मुंह फाड़े हीं जा रही है। स्वयं प्रधानमन्त्री ने देश को आगाह करते हुए कहा है कि यह दशक धैर्य का है।
कुछ विशेष लोगों, उद्योगपतियों, नेताओं व अधिकारियों प्रभृति लोगों को भले हरियाली सूझती हो, आम आदमी बेहाल है, उनकी किल्लतें दिनानुदिन रफ्तार हीं पकड़ती जा रही हैं।
ऐसी विषम परिस्थिति में लोगों की भरोसा की थैली माथे पर लिए हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का अनुकरण करते हुए देशवासियों से उनकी सुविधा में कटौती का आह्वान किया है और परिणाम सुखद है कि इसका धनात्मक असर भी देखने को नजर आता है। लेकिन, यह नाकाफ़ी है।
अकुलाहट के बीच राष्ट्र का ध्यान आदरणीय प्रधानमंत्री की ओर अंटका हुआ है।
आदर्श मिथिला पार्टी के अध्यक्ष डाॅ परमानन्द लाभ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी से मांग की है कि वे राष्ट्रहित में अपने सांसद, विधायक, पार्षद तथा मंत्रियों से अपील करें कि वे अपने वेतन सहित अन्य सुविधाओं में यथोचित कटौती कर प्रधानमंत्री राहत कोष को समृद्ध करें। यह हवा-पानी का समय नहीं है।
आमिपा अध्यक्ष डाॅ लाभ ने जनता की राहत और सरकार में जनता की भरोसा- बरकरारी के लिए इसे आवश्यक कहा है।
