RK TV News
खबरें
Breaking Newsराष्ट्रीय

पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और भारत पशुधन पोर्टल पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक/कार्यशाला का आयोजन किया।

RKTV NEWS/नई दिल्ली 17 अप्रैल।भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार की अध्यक्षता में 17 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के कृषि भवन में पशुधन क्षेत्र सुधारों, कृत्रिम गर्भाधान (एआई), टीकाकरण और भारत पशुधन पोर्टल के लिए राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता (एसएएससीआई) से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर एक समीक्षा बैठक/कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस बैठक/कार्यशाला का उद्देश्य निम्नलिखित विषयों पर चर्चा करना था: (i) पशुधन सेक्टर सुधारों पर राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता (एसएएससीआई) से संबंधित मुद्दे, (ii) टीकाकरण से संबंधित मानक प्रक्रिया नियम और अन्य मुद्दे, (iii) कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित मानक प्रक्रिया नियम एवं अन्य मुद्दे और (iv) एनडीएलएम – भारत पशुधन पोर्टल से संबंधित मुद्दे। अध्यक्ष ने एसएएससीआई के अंतर्गत योजना के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की और प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक मानदंडों के बारे में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, अध्यक्ष ने यह सुनिश्चित करते हुए कि ये प्रस्ताव राज्य की पशुधन विकास योजना के अनुरूप हों, वरिष्ठ अधिकारियों को एसएएससीआई की पूर्व शर्तों के विस्तृत कार्यान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी।
अपने आरंभिक संबोधन में, पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के सचिव नरेश पाल गंगवार ने बताया कि अधिकांश राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभागों ने भारत सरकार के डीएएचडी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप एकसमान उपाय अपनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसएएससीआई पशुधन क्षेत्र सुधारों का उद्देश्य स्पष्ट परिचालन ढाँचों के माध्यम से प्रोत्साहन-आधारित पूंजी निवेश को बढ़ावा देना है। उन्होंने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कार्यान्वयन में तेजी लाने, समय पर बजट आवंटन के लिए वित्त विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने, निर्धारित समय पर दावे प्रस्तुत करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही निधि का उपयोग केवल पशुधन कार्यकलापों के लिए किया जाए। उन्होंने केंद्र-राज्य समन्वय, समय पर रिपोर्टिंग, बेहतर सेवा वितरण के लिए डिजिटल उपकरणों के उपयोग और कार्यशाला के कार्य बिंदुओं की नियमित निगरानी पर भी बल दिया।
कार्यशाला के दौरान, डीएएचडी की अपर सचिव वर्षा जोशी ने विस्तृत प्रस्तुति दी और टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान (एआई) के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) और अन्य संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (एनडीएलएम) – भारत पशुधन पोर्टल से संबंधित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें निर्बाध डेटा एकीकरण, टीकाकरण और एआई रिकॉर्ड को वास्तविक समय में अपलोड करने की सुविधा और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावी सेवा वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। आरजीएम के तहत, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्रत्येक ग्राम पंचायत में मैत्री कार्यकर्ताओं को तैनात करने और प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया, जबकि डीएएचडी कृत्रिम गर्भाधान को गैर-मवेशी प्रजातियों तक विस्तारित करेगा और आनुवंशिक सुधार के लिए भेड़ों में आईवीएफ को बढ़ावा देगा।
समीक्षा के दौरान, एनएलएम-ईडीपी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की गई और निर्धारित समय सीमा के भीतर दूसरी किस्त के लिए सुझाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। एलएचडीसीपी के तहत, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एनएडीसीपी, एमवीयू और एएससीएडी के लिए कार्य योजनाओं को शीघ्रता से लागू करने के लिए कहा गया। बैठक में पशुधन बीमा, ग्रामीण विकास विभागों के साथ चारा योजना, इन्फ्लूएंजा से निपटने की तैयारी, एफएमडी-मुक्त जोन और जिला निदान प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करने जैसे मुद्दों की भी समीक्षा की गई।
बैठक का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के अधिकारियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से सुधारों और योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन, केंद्र-राज्य समन्वय को सुदृढ़ करने और पशुपालन एवं पशुधन क्षेत्र में सेवा वितरण को बेहतर बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
कार्यशाला में राम शंकर सिन्हा , अपर सचिव (एलएच), डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्पा, पशुपालन आयुक्त, डॉ. मुथुकुमारसामी बी., संयुक्त सचिव (एनएलएम), और जगत हजारिका, सांख्यिकी सलाहकार, डीएएचडी के साथ-साथ पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा निदेशालय के निदेशक और सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

Related posts

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नेमिल शाह ने 18वें मुम्बई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फिल्म निर्माण के रहस्यों को साझा किया।

rktvnews

आयुष मंत्रालय और डीबीटी ने आयुर्वेद में तपेदिक (टीबी) के उपचार में सहायक चिकित्सा के रूप में एक संयुक्त नैदानिक अध्ययन की घोषणा की।

rktvnews

भोजपुर : पूर्व विधायक ने अपने विधायक निधि से निर्मित पुल का किया उद्घाटन! जनता को किया समर्पित।

rktvnews

शहर को ग्रीन जोन बनाने दुर्ग से कुम्हारी तक लगाए गए बोगनविलिया, कनेर और चम्पा।

rktvnews

बक्सर:राज्य स्तरीय विद्यालय वुशू बालिका खेल कूद प्रतियोगिता 2023-2024 के सफल आयोजन हेतु आयोजन समिति की बैठक आयोजित

rktvnews

बिहार:भोजपुर:बिहार बॉक्सिंग में भोजपुर लहरा रहा विजय पताका।

rktvnews

Leave a Comment