RKTV NEWS/अनिल सिंह,14 जून।पटना में 13 जून को बिहार सरकार की संपन्न मंत्री परिषद की बैठक में कुल 12 एजेंडों पर निर्णय लिए गए।इस संबंध में मंत्री परिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन के प्रथम तल्ल स्तिथ सभा कक्ष में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए की दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में जहां क्षमता से कई गुना अधिक मरीज आते है।उत्तर बिहार की भौगोलिक स्थिति और बढ़ते मरीजों की संख्या के मद्देनजर राज्य सरकार की योजन के तहत पटना की तर्ज पर दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल दरभंगा के नए निर्माण किए जाने की अत्यंत आवश्यक है।उपयुक्त परिपेक्ष्य में आम जनता को गुणवकता पूर्ण चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार के द्वारा जीर्ण शीर्ण भवन के स्थान पर दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल दरभंगा के 2500 शैय्या वाले चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के रूप में विकसित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।जिसमे से 400 सर्जिकल वार्ड का निर्माण किया जा रहा है।जिसपर पूर्व से 569 करोड़ रूपये खर्च का अनुमोदन प्राप्त है।शेष 2100 शैय्या का निर्माण इसी योजना के अंतर्गत किया जाना प्रस्तावित है।अतएव स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत दरभंगा जिले अंतर्गत दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 2100 शैय्या के नए अस्पताल नए महाविद्यालय भवन एवं आवासीय परिसर के निर्माण की सैद्धांतिक सहमति एवं उक्त निर्माण हेतु बिहार चिकित्सा सेवाएं एवम आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड पटना से प्राप्त तकनीकी अनुमोदित प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन के आधार पर कुल 2546.41 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत आत्म निर्भर बिहार के सात निश्चय 2 के तहत दरभंगा शहर क्षेत्र से जल निकासी के लिए सेटेज सहित कुल राशि 235करोड़ 20 लाख रुपए की स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज योजना को स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्यकारी एजेंसी के रूप में सरकार के उपक्रम बुडकों को नामित करने की स्वीकृति दी गई।नगर विकास एवं आवास विभाग के ही तहत छपरा स्ट्रोम वॉटर ड्रेनेज मूल प्रशासनिक स्वीकृति की राशि 29 करोड़ 95 लाख के निर्माण कार्य में एन जी टी के निर्देशन के आलोक में तैयार डीपी आर के प्रावधानित डिजाइन ड्राइंग में बदलाव के फलस्वरूप पुनरीक्षित प्रक्लन की राशि 51 करोड़ 20 लाख अड़तीस हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका की कंडिका 7.1,7.2,8.1,8.2,8.3 8.7 में संशोधन एवं योजनतर्गत वित्तीय वर्ष 23-24 में अतिरिक्त 318 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।अपर मुख्य सचिव ने बताया की वित्तीय वर्ष 18-19 से प्रति विधान मंडल सदस्य प्रति वर्ष मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत 3 करोड़ को 4 करोड़ किया गया ।
पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत RIDF -XXVIII अंतर्गत प्रस्तावित राज्य के दक्षिण बिहार एवं उत्तर बिहार के कुल 6105 किलोमीटर के पाथअंश लंबाई का चौड़ीकरण एवं मजबूती कारण कार्य हेतु दो सौ चौतीस करोड़ तीस लाख रुपए के अनुमानित व्यय पर योजनावार पृथक पृथक प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।इसी विभाग के राज्य के 2 जिलों के 3लेवल क्रॉसिंग के बदले पहुंच पथ सहित ROB के निर्माण हेतु चौहतर करोड़ तिरसठ लाख अड़सठ हजार राज्यांश सहित कुल एक सौ उन्चास करोड़ इक्कीस लाख तेरह हजार छह सौ तेईस के अनुमानित लागत योजना वार पृथक पृथक प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
सहकारिता विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना अन्यथा पूर्व में प्रावधानित अवशेष भाग का उपयोग अहर्ता पूरी करने वाले प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति में कृषि बैंक उपकरण स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।इसके तहत पैक्सो की तरह प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति को 15 लाख रुपए प्रति समिति को 50% अनुदान और 50% कर्ज के रूप में दिया जायेगा।
वाणिज्य कर विभाग के अंतर्गत कर विभाग के 9 बड़े अंचलों के विभाजन हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 191 दिनांक 8/12/20 को 1/7/23 से प्रभावी करने एवं नवविभाजित अंचलों के पदाधिकारियों के क्षेत्राधिकार के साथ साथ अंकेक्षण प्रमंडल के पदाधिकारियों के क्षेत्राधिकार निर्धारण हेतु विभागीय अधिसूचना एस ओ 43 दिनांक 02/02/07 में संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।इसके तहत वाणिज्य कर विभाग के 9 बड़े अंचल यथा पटना मध्य,दक्षिणी,दानापुर अंचल,भागलपुर अंचल,पुर्णिया अंचल,दरभंगा अंचल,गया अंचल ,मुजफ्फरपुर पश्चिमी अंचल तथा सारण अंचल छपरा के विभाजन को दिनांक 1/7/23 से प्रभावी किया गया है।इससे कर और प्रशासन और बेहतर होगा।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अंतर्गत बिहार कार्यपालिका नियमावली 1979(समय समय पर यथा संशोधित) की प्रथम अनुसूची के क्रमांक 23 में अंकित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का नाम विज्ञान प्रावैद्यकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग करने की स्वीकृति दी गई।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंतर्गत विक्रमशिला सेतु के सम्मानंतर 4 लेन पूल पहुंच पथ के निर्माण हेतु भागलपुर जिलानतर्गत अंचल जगदीशपुर मौजा /थाना संख्या बरारी /वार्ड संख्या 1 खाता संख्या 784 खेसरा संख्या 1451 अंतर्गत रकबा 1.420 एकड़ तथा अंचल सबौर/ मौजा थाना संख्या मखूजन/खाता संख्या 88 खेसरा 20 अंतर्गत रकबा 4=505 एकड़ एवं खेसरा संख्या 27 अंतर्गत रकबा 6.375 एकड़ अर्थात कुल 12.30 एकड़ सरकारी भूमि यथा स्थिति में राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण ,सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली को निःशुक स्थाई हस्तानांतरण की स्वीकृति दी गई।इसी विभाग के किशनगंज जिला के अंचल किशनगंज मौजा महेशबाथना थाना संख्या 23 खाता संख्या 104 के खेसरा संख्या 15 एवं 16 में क्रमशः 7.10 एकड़ एवं 0.90 एकड़ अर्थात कुल 8 एकड़ किस्म पुरानी परती गैरमाजरुआ बिहार सरकार को नवनिर्मित अभियंत्रण महाविद्यालय हेतु 2 अदद (जी+5) बालक छात्रवास एवं 1 अदद (जी +3) बालिका छात्रावास के निर्माण हेतु विज्ञान एवं प्रावेधिकी विभाग बिहार पटना को निःशुल्क स्थाई हस्तानांतरण करने की स्वीकृति दी गई।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ही तहत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार पटना की मांग संख्या 40 मुख्य शीर्ष 2029 भू राजस्व उपमुख्यशीर्ष 00 लघुशीर्ष 104 सरकारी समपदाओ का प्रबंध उपशीर्ष 0002 हाट,बाजार कचहरी इत्यादि का सुरक्षण 2701 लघु कार्य पर व्यय के अंतर्गत मलमास मेला 2023 राजगीर नालंदा के आयोजन हेतु विपत्र कोड 40-2029001040002 में बिहार आकस्मिता निधि से 22 करोड़ रुपए की अग्रिम स्वीकृति दी गई।अपर मुख्य सचिव ने बताया की आगामी मलमास मेले को लेकर राजगीर में टेंट सिटी के निर्माण से लेकर पर्यटकिय दृष्टिकोण से तमाम प्रबंधन के लिए उक्त राशि विमुक्त करने की स्वीकृति दी गई है।

