
पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 01फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट पर अलग-अलग प्रतिक्रिया सुनने को मिली है। जहाॅ एक तरफ भाजपा समर्थक इसे विकासशील बजट की संज्ञा दे रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ विरोधी दल के नेता इसे लॉलीपॉप और झुनझुना बताते हुए दिल्ली और बिहार चुनाव को देखते हुए यह बजट पेश करने की बात कह रहे हैं।

कर्मचारी महासंघ गोप गुट के राज्य सचिव सुमन जी ने कहा कि बजट में मिडिल क्लास के लिए बहुत सारे फायदे दिखाए जा रहे हैं लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। वर्षों से सभी कर्मचारियों की जायज एवं उचित मांग पुरानी पेंशन की बहाली का था परंतु उसके बारे में बजट में एक लाइन भी नहीं बोला गया है। केंद्र सरकार में विभिन्न कार्यालय में लाखों पद रिक्त हैं जिनको भरने के बारे में कोई चर्चा नहीं की गई है। खाली पदों पर बहाली होने से मिडिल क्लास को लाभ होता लेकिन ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा कैसे स्थाई होगी, इसकी भी चर्चा नहीं है। इनकम टैक्स स्लैब में 12 लाख तक कर नहीं लगने की जो बात कही जा रही है वह वास्तव में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि आप देखेंगे तो 4 लाख तक ही इनकम टैक्स में छूट है बाकी बचे हुए लोगों को इनकम टैक्स देना पड़ेगा जो 4 लाख से 8 लाख तक 5%, 8 लाख से 12 लाख तक 10%, 12 लाख रुपये से ज्यादा आय वालों को 15%, 16 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक आय वालों को 20% तक है। सरकारी कर्मचारी और आम लोगों को महंगाई से बचने के लिए महंगाई राहत की कोई घोषणा नहीं की गई है जबकि कर्मचारी संगठनों के द्वारा बार-बार मांग किया जाता रहा है कि सातवें वेतन आयोग के अनुशंसा के आलोक में 50% से अधिक महंगाई भत्ता होने के बाद महंगाई भत्ता को वेतन में मर्जर करना चाहिए लेकिन इसका कोई प्रस्ताव बजट में नहीं है। केंद्रीय बजट में नौकरी पेशा एवं मिडिल क्लास के लिए कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है।

भोजपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक राम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल का यह पहला आम बजट है। प्रधानमंत्री ने कहा था “मैं माॅ लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूँ कि गरीब और मध्यम वर्ग पर उनकी विशेष कृपा रहे।” इससे लगा कि इस बार के बजट में सरकार गरीब और मध्यम वर्ग पर विशेष ध्यान देने वाली है। सरकार द्वारा इनके लिए चलाई जा रहीं योजनाओं का बजट बढ़ाया जा सकता है। सरकार कुछ नई योजनाओं का ऐलान भी गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए कर सकती है। मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा वाले बहुत पहले से ही कर मुक्त आय की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। आज के इस बजट में महिलाओं, नौजवानों और किसानों के साथ छलावा हुआ है। आज के बजट से महंगाई और बढ़ेगी। घरेलू गैस सिलेंडर, डीजल, पेट्रोल और खाद्य पदार्थ पर किसी भी प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई है। बजट से गरीब और गरीब होंगे तथा अमीर और तेजी से विकास करेंगे। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर आम आदमी को इस बजट से घोर निराशा हुई है। ऐसे में पीएम नरेन्द्र मोदी एक बार पुनः गरीब विरोधी साबित हुए हैं।

प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष राकेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस बजट में केंद्र द्वारा बिहार के लिए दी गई घोषणा एक चुनावी झांसा है। पूर्व में भी केंद्र सरकार ने बिहार के लिए सवा लाख करोङ रुपये की घोषणा की थी जो घोषणा के बावजूद भी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार काम की नहीं बल्कि घोषणा की सरकार है। इस बजट में आम गरीबों, छोटे व्यापारियों, किसानों और महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं है। बजट में महंगाई और बेरोजगारी को कम करने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा किया बजट दिल्ली और बिहार चुनाव को देखते हुए पेश किया गया है। यह एक झुनझुना है।
