आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)07 जून। आरा के दो बार के सांसद और मंत्री एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी आर के सिंह की पराजय और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी कामरेड सुदामा प्रसाद की जीत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अमरदीप जय ने बताया कि इस बार के संसदीय चुनाव में बिना तैयारी के, पार्टी कार्यकर्ताओं को बिना विश्वास में लिए हुए केवल मोदी की गारंटी और इस बार 400 सौ पार के नारा पर जीत का दंभ भरते हुए मैदान में कूद पड़ी। चुनाव के नजदीक आते-आते पार्टी संगठनहीन और दिशाहीन दिखी।मतदान केंद्र से लेकर पोलिंग एजेंट और उसके सहयोगियों तक आवश्यक कागजात, आवश्यक खर्च राशि, की भी बड़े घपलेबाजी और चुनाव पर्ची नहीं बटने की भी चर्चा है।इन्होंने बताया कि पार्टी केवल कागज पर बीएलओ, पार्टी के साथ बुथ अध्यक्ष ,वार्ड अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष ,पंचायत शक्ति केंद्र अध्यक्ष पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता या यूं कहें की रीढ़ की हड्डी होती है जिसके सही मैनेजमेंट से पार्टी को जीत मिलती है ।लेकिन इनके साथ भी कोई तालमेल नहीं रहा। पोलिंग बूथ पर ना कोई देखने वाला था ,ना मॉनिटरिंग करने वाला और कार्यकर्ता एक दो घंटे में सभी गायब हो गये। सांसद का सही मायने में जनता और पार्टी के साथ कभी अच्छे तालमेल नहीं रहे, न हीं जिले के संघर्ष में कभी साथ रहे। सात विधानसभा क्षेत्र में मात्र दो भाजपा के विधायक हैं ऐसी स्थिति में और मजबूती से संघर्ष करने की जरूरत थी, कार्यकर्ता को बनाना ,बढ़ाना और सम्मान देने की जरूरत थी जो ना पार्टी की ना सांसद ही। केवल अपने शागिर्दों के साथ, उनके विचारों और मार्गदर्शन में समय गुजर गया ।और अंततः हार का मुंह देखना पड़ा।
इन्होंने बताया कि ये एक सरकारी नौकरशाह रहे हैं। अवकाश ग्रहण करने के बाद पार्टी ने भाजपा का प्रत्याशी बना दिया। 2014 में चाय पर चर्चा और अबकी बार मोदी सरकार के नाम पर जीत हासिल हुई ।2019 में भी चौकीदार और फिर एक बार मोदी सरकार के लुभाने नारा पर लोगों ने विश्वास किया और जीत मिली।2024 में अबकी बार चार सौ पार का नारा दिया गया लेकिन इंडिया गठबंधन द्वारा लगातार संघर्ष करते करते इस नारे को,मोदी जी के सपने को पूरा नहीं होने दिया। जिसका खामियाजा आरा सांसद को भुगतना पड़ा। यह भी देखने को मिला कि सांसद के साथ यहां के कुछ शीर्ष नेता अपने को नेता प्रमाणित होने के लिए संघर्ष और होड़ लगाए गए जिससे मतदाता और कार्य करता अलग होते रहे।
