आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 मई। रविवार को तरारी प्रखंड के जेठवार भट्ट गाँव में माँ बरेजी ट्रस्ट द्वारा आ यक्षयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में छठवें दिन मथुरा गोवर्धन के जगद्गुरु निम्बकाचार्य राधा मोहन शरण देवाचार्य जी महाराज ने भागवत कथा में कहा कि संसार से प्रेम, शरीर से प्रेम यानी अभी हम लोग सो रहें है. जिस दिन जगेंगे संसार से आसक्ति स्वतः खत्म हो जाएगी।शरीर जड़ है आत्मा चेतन है ना जड़ का जन्म होता है न चेतन का। ये सिर्फ दिखाई पडती है।भगवान अवतार ही लेते है जन कल्याण के लिए।भगवान के सभी अवतार इसके प्रमाण है।भगवान कर्माधिन नहीं है भगवान जन्म नहीं लेते. सोने का, मिट्टी का जन्म नहीं होता, जन्म अंगूठी की, घड़े की होती है. कर्म क्लेश आशय आदि से मुक्त हो जाए तो हम ईश्वर की श्रेणी में आ जायँगे.
माँ बरेजी मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक और गाँव के व्योवृद्ध श्री सुरेश राय ने बताया कि माँ बरेजी मंदिर के प्रतिष्ठापितकर्ता स्व. अमावस राय के सुपुत्र स्व. कपिल देव शर्मा और हिरा राय थे. यज्ञ के वरीय सदस्य श्री क्रांति किशोर राय ने बताया भागवत कथा ज्ञान यज्ञ अपने अंतिम चरण में है. कल अंतिम कथा होगी. और 14 मई को हवन और भंडारे के साथ यज्ञ का समापन होगा.
इस अवसर पर अर्चना भट्ट (राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य) भाजपा, सुरेन्द्र राय, मनोरंजन भट्ट, टुनटुन राय ऋषि राय, गौतम राय, किशोर राय, आलोक पंडित विनय यादव, धनराज यादव, कृष्णा बेदर्दी और श्री महाराज जी का सानिध्य प्राप्त किया।

