
बंदर मामा लड़ें चुनाव!
बंदर मामा किसी तरह से
टोपी पाये एक ।
झटपट पहन माथे पर
चलने लगे तेज ।।
आ गई चुनाव की तिथि
रीति नीति बदल डाले ।
झुंड बनाए भालू -गेंडें का
नॉमिनेशन फाइल कर डाले ।
गांव-गांव में घूम-घूम कर
नारा लगाए एक ।
पैसे की जरूरत जिसको
देने लगे चेक ।।
फट -फटाफट हाथ जोड़ते
विकास का करते वादा ।
जीत दिला कर देख लो भाई
वादा करते पका ।।
फूटा भाग्य अपने देश का
मामा जी की हो गई जीत ।
भीड़ लगी घोड़े – गदहे की
अब क्या सोचना है भविष्य ।।
अब देश भगवान के हाथों
शायद वही कल्याण करें ।
नमस्कार कवि की ओर से
नेताजी सावधान रहें ।।
