RKTV NEWS/सारण (छपरा)22 मार्च।सारण वन प्रमंडल छपरा द्वारा गंडक नदी के संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण के लिए 20 मार्च को जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशाला का आयोजन ग्राम पंचायत कोंध ,पानापुर में किया गाय। जिसमे सुब्रत कुमार बेहेरा(Wildlife trust of India) ,वनों के क्षेत्र पदाधिकारी मशरक प्रवीण गुप्ता, वनपाल मदन कुमार ,एवं अन्य वनकर्मी उपस्थित हुए। इस कार्यशाला के मुख्य बिंदु घड़ियाल का महत्व, मछली पकड़ने के दौरान घड़ियालों को होने वाले नुकसान से कैसे बचाया जाए, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम इत्यादि पर जानकारी दी गई । सारण जिले के पानापुर, तरैया, अमनौर, परसा, दरियापुर और सोनपुर प्रखंडों से होकर गंडक नदी बहती है। यह गंडक नदी घड़ियाल, ताजे पानी के कछुओं, जल पक्षियों और अन्य नदी प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण है।
इस कार्यशाला के बाद वन प्रमंडल पदाधिकारी छपरा द्वारा गंडक नदी के किनारे वाले क्षेत्रों के वनकर्मियो के साथ बैठक कर घड़ियाल संरक्षण पर चर्चा की जिसमे स्थानीय लोगो की जागरूकता एवं घड़ियाल ले पर्यावास क्षेत्र को बनाए रखने हेतु निर्देश दिए ।
घड़ियाल एक संकटग्रस्त जलीय जीव है जिसका संरक्षण पर्यावरण के लिए अति महत्पूर्ण है घड़ियाल मगरमच्छ की तरह हिंसक न होकर मछलीखोर जंतु है, जो आदमियों और जानवरों पर हमला नहीं करता, लेकिन दबाव में पड़ने पर कभी कभी उसके दुम का वार घातक भी हो सकता है। घड़ियाल दीर्घजीवी प्राणी है, जो समय पाकर 20-25 फुट तक का हो जाता है। इसकी त्वचा बहुत कड़ी और मजबूत होती है मगरमच्छ का निकट संबंधी होकर भी इसका थूथन उसकी तरह छोटा न होकर काफ़ी पतला और लंबा रहता है और नरों के प्रौढ़ हो जाने पर सिरे पर एक गोल लोटे जैसा कुब्बा सा निकल आता है।


