नारनौल/महेंद्रगढ़ 03 फरवरी। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से आज राजकीय उच्च विद्यालय भूषण कला में बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में नैतिक मूल्यों की शिक्षा के नोडल अधिकारी एवं पूर्व जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन कुमार शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि हर घर में जैसा परिवेश होता है, उसी प्रकार के विचार एवं संस्कार बाल जीवन में प्रवर्तित होते हैं। वास्तव में बाल अवस्था कोरे कागज की तरह होती है। जब बच्चा छोटा होता है, तभी से उसमें अच्छे संस्कार रूपी पौधा रोपा जाना सम्भव होता है, जिसे समय के साथ और अधिक पुष्पित व पल्लवित किया जा सकता है। ऐसे में प्रत्येक परिवार के हर एक सदस्य का दायित्व है कि बच्चों में भौतिक संसाधनों के स्थान पर अच्छी शिक्षा व संस्कार देने का लक्ष्य तय करें। आज के युवा जिस तनाव, अवसाद, गलत संगत, अंधविश्वास और अनुशासनहीनता की गिरफ्त में हैं उसका मूल कारण परिवारों में संस्कारों का अभाव ही है। ऐसे में यदि आरम्भ से बच्चों को सुसंस्कार दिए जाए तो वे न केवल अपना जीवन सुधारेंगे, बल्कि परिवार के अलावा आमजन का भी सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन की स्थाई सफलता का आधार मनुष्य का चरित्र ही हैं। इस आधार के बिना जैसे तैसे सफलता प्राप्त कर भी ली जाएं तो यह अधिक टिकाऊ नही हो सकती। व्यक्ति, परिवार, राष्ट्र की स्थाई समृद्धि और विकास का विघटन होता है। चरित्र एक दृढ़ चट्टान है जिस पर खड़ा व्यक्ति अजेय और महान होता हैं। लोकमान्य तिलक ने कहा था कि संसार में सच्चरित्र व्यक्ति ही उन्नति प्राप्त करते हैं। संपूर्ण जीवन कार्य, व्यवहार, विचार, मनोभावों की निर्मलता से ऊंचा उठता है। शुद्धि से ही चरित्र का गठन होता हैं। सेवा, दया, परोपकार, उदारता, त्याग, शिष्टाचार, सद्व्यवहार आदि चरित्र के ही अंग हैं। आपके विचार इच्छाएं, आकांक्षाएं, आचरण जैसे हैं, उन्हीं के अनुरूप आपके चरित्र का गठन होता है और जैसा आपका चरित्र हैं वैसी ही आपकी दुनिया बनती है। आपका जीवन, आपका संसार, आपके ही चरित्र की देन हैं।
इस अवसर पर भारत भुषण वालिया मुख्य अध्यापक ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलवाया कि वे अपने विद्यालय के बच्चों को प्रतिदिन नैतिक मूल्यों की शिक्षा से अवगत करके जागरूक करते रहेंगे।
इस अवसर पर बाल भवन से तीरन्दाजी कोच, सुरेन्द्र शर्मा तथा अन्य सभी स्टाफ मैम्बर सहित सभी स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

