गढ़वा/झारखंड 08 नवंबर।झारखंड राज्य जलछाजन मिशन के तहत मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त-सह-अध्यक्ष जलछाजन गढ़वा शेखर जमुआर की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। उपायुक्त ने कार्यशाला में मुख्य रूप से उपस्थित जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी, उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय, दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी शशि कुमार, डीडीएम नाबार्ड लक्ष्मण कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों संग संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ एवं पौधा भेंट किया गया। कार्यशाला के प्रारंभ में सभी ने जलछाजन अभियान को लेकर बनाए गए गीत को गया। इन्हें मुख्य रूप से सभी ने कहा कि हम पानी को बचायेंगे, हम माटी को बचायेंगे, हम जंगल को बचायेंगे, हम धरती माँ के बच्चे, अपनी माता को बचायेंगे। हम नई तकनीक अपनाएंगे, हम अधिक अन्न उपजायेंगे, भुखमरी को मिटाएँगे। जलछाजन को अपनाकर हम, एक नया जहाँ बसाएँगे। हर खेत में मेड बनाएंगे, हर मेड पे पेड़ लगाएंगे। अच्छी फसल उगाएँगे, एस. एच्. जी. बनाकर हम, खुशियों के दीप जलाएँगे।
कार्यशाला में जलछाजन के संदेशों को बताया गया। उपायुक्त ने कहा कि जलछाजन एक भूजलीय इकाई है, जहाँ विभिन्न स्रोतों से एकत्रित जल एक साझा बिन्दु से प्रवाहित होकर नदी नालों में बहकर चला जाता है। झारखण्ड की भौगोलिक संरचना विशेष कर गढ़वा जिला जहाँ अनियमित वर्षा के कारण अधिकांश क्षेत्र सूखा तथा कृषि कार्य को प्रभावित करती है, जिसके कारण जलछाजन कार्यक्रम की प्रासंगिताकता और भी बढ़ जाती है। इस कार्यक्रम द्वारा संसाधनों का उपयोग तथा वर्षा जल का समुचित प्रबंधन कर ग्रामीण क्षेत्र का सर्वागीण विकास संभव है। हमे आपस में मिलकर सामुहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है। जिला तकनीकी विशेषज्ञ जलछाजन प्रमोद सेठ ने गढ़वा जिला अंतर्गत संचालित 2 जलछाजन के परियोजनाओं की जानकारी दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं झारखंड राज्य जलछाजन योजना, यह दो योजनाएं अंतर्गत जिले के गढ़वा एवं चिनिया प्रखंड में कार्य किया जा रहा है।
इन दो प्रखण्ड के कुल – 45 गाँवों में कुल – 11066.98 हेक्टेयर भूमि में ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जलछाजन परियोजना क्रियान्वित की जा रही है, जिसके तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आजीविका समवर्धन तथा उत्पादन क्षमता प्रणाली जैसे घटको के माध्यम से कृषि उत्पादनकता तथा आय में बढ़ोतरी होगी। साथ हीं बताया कि जलछाजन के क्षेत्र में झारखंड राज्य में गढ़वा जिला को अच्छे कार्य करने में दूसरा स्थान प्राप्त है। जिसपर उपायुक्त ने सभी को बधाई देते हुए इसी प्रकार से आगे भी उत्तरदायित्व पूर्ण कार्यो को करने को कहा। उन्होंने कहा कि जलछाजन परियोजना से क्षेत्र के सभी ग्रामीण इससे लाभान्वित हों यही कामना है। कार्यशाला में जलछाजन कार्यक्रम के उदेश्य की जानकारी भी दी गई। इनमें जल, जंगल, जानवर, जन तथा जमीन का उचित संरक्षण एवं विकास करना, पारिस्थितिकी में सही संतुलन स्थापित करना, मीट्टी के कटाव को रोकना, प्राकृतिक तथा वनस्पतियों को पुनर्जीवित करना, वर्षा जल का संरक्षण तथा भूजल को बढवा देना, मिश्रित होती तथा खेती के नई तकनीकों को बढ़वा देना,, टिकाउ जीविकोपार्जन पद्धति को बढ़वा देने की जानकारी दी गई। साथ हीं बताया गया कि गढ़वा एवं चिनिया प्रखंड में सोलर टंकी निर्माण, कूप मरम्मती, लूज बोल्डर, फार्म पोंड, डिसिटी, टीसीबी निर्माण का कार्य किया गया है साथ हीं चेक डैम निर्माण हेतु प्रस्ताव बनाकर भी विभाग को भेजा गया है। जिससे जल संरक्षण को और भी प्रभावी बनाया जा सके।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि गढ़वा जिले में चूंकि अपेक्षाकृत वर्षा कम होता है इसलिए यहां जलछाजन के स्कीम की महत्ता बढ़ जाती है। इन योजनाओं को आत्मसात करते हुए प्लानिंग के साथ कृषि करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ड्रिप इरीगेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे जल संग्रहण के साथ-साथ फसल सिंचाई भी अच्छे से किया जा सकता है। उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय एवं उपस्थित अन्य पदाधिकारियों द्वारा कार्यशाला के दौरान जलछाजन समिति के सदस्यों को अच्छे कार्य करने हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं कार्यशाला में उपस्थित जिला कृषि पदाधिकारी शिव शंकर कुमार, डीडीएम नाबार्ड लक्ष्मण कुमार एवं कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल प्रदीप कुमार द्वारा भी जलछाजन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही गई, उक्त पदाधिकारियों ने जल की महत्ता को बताते हुए मानव जीवन एवं खेती के संबंध में पर जोर दिया, साथ ही प्रमुखता से सभी की सहभागिता अति महत्वपूर्ण बताया। कृषि बैज्ञानिक डॉ अमरेश कुमार पांडेय ने गढ़वा जिला में हुए बेहतर कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे एक मुहिम का रूप देने की बात कही। उक्त कार्यशाला में जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी, उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय, वन प्रमंडल पदाधिकारी दक्षिणी शशि कुमार, डीडीएम नाबार्ड लक्ष्मण कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉ अमरेश कुमार पांडेय, जिला कृषि पदाधिकारी शिव शंकर प्रसाद, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल प्रदीप कुमार, जनसहभागिता केंद्र अध्यक्ष विजय कुमार, जलछाजन समिति के सदस्यगण, विभिन पंचायतों के मुखिया आदि उपस्थित थें।

