आरा/भोजपुर 30 सितंबर। आज डॉ एम एस स्वामीनाथन के निधन पर ब्लॉक परिसर आरा में जिला जनसेवक संघ और महासंघ गोप गुट भोजपुर के बैनर तले श्रद्धांजली कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरित क्रांति के जनक डा. एम एस स्वामीनाथन के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा की उनके देश के लिए किए गए, योगदान को देश, कभी नहीं भूलेगा, कार्यक्रम की शुरुआत उनके तैलीय चित्र पर माल्यार्पण कर की गई ।सर्वप्रथम, जनसेवक संघ बिहार पटना के अध्यक्ष जानकी प्रसाद, ने फोटो पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा देश और दुनिया के लिए विश्व खाद्य में हरित क्रांति के लिए किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। बारी बारी से उपस्थित कर्मियो ने भी श्रद्धांजलि दी, अपने संबोधन में उमेश कुमार सुमन राज्य अध्यक्ष जनसेवक संघ बिहार पटना सह सचिव महासंघ गोप गुट भोजपुर ने कहा कि देश के हरित क्रांति के जनक प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ एम एस स्वामीनाथन 98 वर्ष की आयु में उनका गुरुवार को चेन्नई में निधन हो गया। आजीवन भूख के खिलाफ संघर्ष करने वाले योद्धा स्वामीनाथन का कुछ समय से उम्र संबंधित बिमारयो का इलाज चल रहा था। स्व स्वामीनाथन 1960के दशक में खाद्य एवम पोषण के सुरक्षा के कट्टर पैरोकार थे। अकाल के खतरो को इन्होंने ही रोका था। वे पौधो के जैनेटिक साएंस्टिक भी थे। 1966में मैक्सिको के बीज और पंजाब के घरेलू बीज को हाइब्रिड कर हाई क्वालिटी के बीज गेहूं और धान की अच्छी उपज देने वाली किस्म को विकसित कर विश्व खाद्य पुरस्कार के पहले व्यक्ति बने। वर्ल्ड फूड प्राइस फौंडेंसर के द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा विकसित किया गया बीज के कारण गेहूं का उत्पादन कुछ वर्षो में दोगुना हो गया और भारत में वही हरित क्रांति थी। जिसके कारण आज देश अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, और अन्य देशों को सहयोग भी करता है। कार्यक्रम में रामानंद सिंह, साहू जी, अजय कुमार, वेद प्रकाश अनिल कुमार , दीपक कुमार, रबी कुमार, सुमन जिला शिव मंगल, अवधेश पासवान, संजय कुमार, सहित अन्य साथी उपस्थित हुए।
