आजादी और लोकतंत्र को कुचलने में केंद्र सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी,बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा लगाने वाली केंद्र सरकार के नारे की सार्थकता महिला पहलवानों के यौन उत्पीडन और मणिपुर में महिला से सामूहिक बलात्कार से होती है प्रदर्शित:कुणाल
आरा/भोजपुर (अमरेश सिंह)28 अगस्त।आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर भाकपा- माले नगर कमेटी की बैठक माले जिला कार्यालय श्री टोला आरा में आयोजित की गई।बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर आरा शहर में संगठन का विस्तार करने हर बुथ पर पार्टी सदस्य भर्ती करने पार्टी शाखा को मजबूत करने आदि कई विषयों पर चर्चा हुई।आरा शहर में महिलाओं को संगठित करने के लिए विभिन्न मोहल्लों में ऐपवा का सघन सदस्यता अभियान चलाने का फैसला लिया गया!बैठक की अध्यक्षता नगर सचिव दिलराज प्रीतम ने किया!बैठक को संबोधित करते भाकपा-माले पोलित ब्यूरो सदस्य व राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने आजादी और लोकतंत्र की हर तरह की आवाजों को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है आज अगर महिलाएं कहीं भी अपनी रोजी-रोटी से लेकर हक,बराबरी और न्याय के लिए आवाज उठाती है तो सरकार द्वारा और सभी वर्गों और सामंती तत्वों के गठजोड़ द्वारा महिलाओं के हक अधिकार हर आवाज को निर्ममता से कुचल देने की कोशिश खुलेआम दिखती रही है! उन्होंने कहा की इस वर्ष की शुरुआत में हमने देखा कि कैसे बेटी बचाओ का नारा लगाने वाली मोदी सरकार ने देश की महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपी भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बचाव किया और आज की तारीख में वह भाजपा के सदस्य है और सांसद बने हुए है ।हाल ही में मणिपुर में भी भाजपा की विघटनकारी राजनीति का नतीजा सामने आया जब वहां लगातार चल रही हिंसा के बीच कुकी जनजाति की दो महिलाओं को पुलिस की मौजूदगी में निर्वस्त्र कर घुमाया गया और एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के चयन के जाति और नागरिक के रूप में जीने की बढ़ती दावेदारी को कुंद करने के लिए सत्ता द्वारा हर तरह का षडयंत्र किया जा रहा हैं!आज समान नागरिक संहिता अर्थात सबके लिए एक कानून की बात शुरू कर भाजपा सरकार सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है जबकि जरूरत इस बात की है कि सभी फैमिली लाॅ और विशेष कानून में महिलाओं के लिए न्याय व बराबरी की बात हो!देश के इतिहास में इसे सांप्रदायिक राजनीति का सबसे खौफनाक समय कहा जा सकता है जब बिल्किस बानो के बलात्कारियों को संस्कारी बताकर रिहा करने,हिजाब के नाम पर मुस्लिम छात्राओं को स्कूल छोड़ने के लिए बात करने लब्जहत का झूठा प्रचार करने तीन तलाक कानून में मुस्लिम पुरुषों को जेल भेजने का प्रावधान जबकि अन्य किसी तलाक में कानून में जेल की सजा नहीं होती है जिससे न जाने कितनी कारवाईयों पर कानूनी और संवैधानिक जमा बनाए जाने लगा है हम यह भी जानते हैं कि मनुस्मृति को मानने वाले यह लोग विवाह तलाक उत्तराधिकारी आदि कानूनों में लैंगिक समानता और अपनी विचारधारा के नाते महिला बराबरी के घोर विरोधी हैं!दहेज उत्पीड़न ऑनर किलिंग दलित पिछड़े आदिवासी और गरीब महिलाओं का उत्पीड़न कन्या भ्रूण हत्या, बलात्कार, डायन जैसे
अनगिनत अपराधियों के साथ-साथ आज की तारीख में साइबर क्राईम,ब्लैकमेलिंग,ऑनलाइन धमकी आदि जैसे महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है!संस्कृति और धर्म की रक्षा के नाम पर भाजपा आरएसएस की सरपरस्ती में खुद की तरह हैं अनेक हिंदूवादी संगठन अक्सर इन घटनाओं में शामिल किए जाते हैं और महिलाओं को नियंत्रित करने का नई-नई जुगाड़ करते रहते हैं!उन्होंने आगे कहा कि फासीवादी,तानाशाही मोदी सरकार से देश की जनता ऊब चुकी है और आगामी लोकसभा चुनाव में देश की जनता गद्दी से उतार फेंकेगी!बैठक में राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी,गोपाल प्रसाद,शोभा मंडल,अमित कुमार बंटी,बालमुकुंद चौधरी,पप्पू कुमार राम,विकास कुमार सुशील यादव,अभय कुशवाहा,मिल्टन कुशवाहा,रौशन कुशवाहा,बब्लू गुप्ता,हरिनाथ राम,धीरेंद्र आर्यन, रामाशंकर प्रसाद शामिल थे।

आजादी और लोकतंत्र को कुचलने में केंद्र सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी,बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा लगाने वाली केंद्र सरकार के नारे की सार्थकता महिला पहलवानों के यौन उत्पीडन और मणिपुर में महिला से सामूहिक बलात्कार से होती है प्रदर्शित:कुणाल