
नई दिल्ली/डॉ. एम. रहमतुल्लाह,15 जुलाई।भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 के दूसरे दिन भी बिहार सरकार का पवेलियन निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और देश-विदेश से आए आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। उद्योग विभाग, बिहार सरकार की ओर से स्थापित इस पवेलियन में राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेश की संभावनाओं, टेक्सटाइल एवं परिधान क्षेत्र की उपलब्धियों, जीआई टैग उत्पादों तथा भागलपुरी सिल्क सहित पारंपरिक हस्तशिल्प का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
दूसरे दिन वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार की विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना, कर्नाटक सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग (वस्त्र) की सचिव रोहिणी सिंधुरी दासरी, आईएएस, गुजरात सरकार के उद्योग आयुक्त अमित प्रकाश यादव, आईएएस तथा भारत टेक्स आयोजन समिति के सह-अध्यक्ष भद्रेश दोधिया ने बिहार पवेलियन का भ्रमण किया।
इस दौरान हथकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक डॉ. विद्यानंद सिंह और उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने उन्हें राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों और टेक्सटाइल क्षेत्र की संभावनाओं की जानकारी दी। अतिथियों ने बिहार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश के अनुकूल वातावरण की सराहना की।
उद्योग विभाग की टीम ने प्रदर्शनी परिसर के विभिन्न हॉलों में जाकर निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और उद्यमियों से संवाद किया। उन्हें बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025, बिहार टेक्सटाइल एवं लेदर नीति (संशोधित)-2025, प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक सुविधाओं, भूमि उपलब्धता और एमएसएमई प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बिहार पवेलियन का भ्रमण कर राज्य में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों को जानने के लिए आमंत्रित किया गया।
गौरतलब है कि भारत टेक्स 2026 के पहले दिन बिहार सरकार ने वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की 16 अग्रणी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इन समझौतों के तहत राज्य में 1,476 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 40,500 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इससे बिहार का टेक्सटाइल उद्योग नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा और राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
भारत टेक्स 2026 के शेष दिनों में भी बिहार सरकार का पवेलियन “बिहार है तैयार” की थीम के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच राज्य की औद्योगिक ताकत और निवेश की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता रहेगा।
