कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध करें विधिसम्मत कार्रवाई।
एलपीजी बैकलॉग में कमी सराहनीय, और सुधार के दिए निर्देश।
सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी रोकने पर विशेष जोर।
RKTV NEWS/बेतिया ( पश्चिमी चंपारण)21 अप्रैल।अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार-सह-प्रभारी सचिव एच. आर. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता, एलपीजी आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों की स्थिति तथा उर्वरक वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रभारी सचिव द्वारा जिला प्रशासन की तैयारियों को संतोषजनक बताया गया, वहीं कई बिंदुओं पर और सुधार के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जिले में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल एवं खाद्य सामग्री सहित सभी आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू एवं नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए सतत निगरानी की जा रही है।
एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 74 गैस वितरक एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनसे 9.42 लाख से अधिक घरेलू एवं 3187 व्यावसायिक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। वर्तमान में 26,058 एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। कालाबाजारी एवं अनियमितता पर अंकुश के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 494 बार गैस एजेंसियों की जांच, 1242 स्थानों पर छापेमारी तथा 204 सिलेंडरों की जब्ती की कार्रवाई की गई है। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 6-ए के तहत 2 मामले दर्ज किए गए हैं एवं 11 एफआईआर भी दर्ज कराई गई हैं।
उर्वरक वितरण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि खरीफ सीजन के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा 211 छापेमारी की गई है। अनियमितता पाए जाने पर 1 प्राथमिकी दर्ज की गई, 2 अनुज्ञप्तियां रद्द की गईं, 3 अनुज्ञप्तियां निलंबित की गईं तथा 7 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतते हुए उर्वरक की तस्करी रोकने हेतु प्रशासन एवं पुलिस को संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान प्रभारी सचिव श्रीनिवास ने एलपीजी बैकलॉग में आई कमी पर जिला प्रशासन की सराहना की, साथ ही निर्देश दिया कि इसमें और कमी लाई जाए। उन्होंने जब्त सिलेंडरों की समीक्षा करने तथा पीएनजी कनेक्शन के लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के लिए मैनपावर बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, पेट्रोलियम पदाधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि पेट्रोल-डीजल की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री अनिल कुमार सिन्हा, सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

