
आरा/भोजपुर( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)20 मार्च।बक्सर सन् 1991 में शाहाबाद से विभाजित होकर स्वतंत्र जिला के रूप में स्थापित हुआ। बक्सर जिला के 36 वां स्थापना दिवस के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक गुरु बक्शी विकास ने बक्सर गौरव गान लिखा। गुरु विकास ने बक्सर की जनपद को एक गौरवपूर्ण रचना बक्सर गौरव गान भेंट की। बक्सर के नगर भवन में आयोजित 36 वें बक्सर स्थापना दिवस समारोह में गुरु बक्शी विकास द्वारा लिखित बक्सर गौरव गान की पहली प्रस्तुति जिलाधिकारी शाहिला हीर की अध्यक्षता में हुई जिसे प्लस टू राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय की छात्राओं ने प्रस्तुत किया।
गुरु विकास द्वारा रचित बक्सर गौरव गान में महर्षि विश्वामित्र द्वारा राम – लक्षमण की शिक्षा, बक्सर का ऐतिहासिक युद्ध, माँ गंगा का तट, कमलदह व राजकिला स्मारक का विशेष रूप से वर्णन किया गया है। बक्सर गौरव गान को स्मृति चिन्ह पर अंकित कर जिलाधिकारी सुश्री शाहिला हीर को भेंट किया गया। गुरु बक्शी विकास के इस ऐतिहासिक कार्य का बक्सर की जनपद ने करकर ध्वनियों से अभिनंदन किया एक इस ऐतिहासिक रचना की प्रस्तुति के लिए गुरु बक्शी विकास की उपलब्धि एवं उनकी छात्राओं को जिलाधिकारी ने सम्मानित किया।
इस मौके पर गुरु विकास ने कहा कि बक्सर की धरती पर शिक्षक नही विश्वामित्र स्थापित होते हैं। आरा मेरी जन्मभूमि है किंतु बक्सर मेरी पैतृक भूमि है। सेवा भाव से मैंने बक्सर गौरव गान की रचना की है जिसे बक्सर के लोगों ने बाहों में स्वीकार किया है। यह मेरे जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धित है। इसे आरा के ही संगीत शिक्षक अजीत पांडेय एवं पवन बैंजो ने स्वर दिया व इसका संगीत एवं नृत्य निर्देशन गुरु बक्शी विकास ने किया है।

