अब तक कुल 509 महिलाएं ले चुकी हैं प्रशिक्षण।
इंदौर /मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद) 16 फरवरी।महिला सशक्तिकरण की दिशा में इंदौर का एक और सकारात्मक कदम सोमवार को पूरा हुआ, जब निर्धन और निम्न आयवर्ग की महिलाओं के लिए चल रही नि:शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण योजना की 14वीं बैच सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस बैच में 40 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर प्रमाणित ड्राइवर बनाया गया। परिवहन विभाग और नंदानगर स्थित आईटीआई के संयुक्त प्रयास से संचालित इस योजना के तहत अब तक कुल 509 महिलाएं प्रशिक्षित हो चुकी हैं। पहले 13 बैचों में 469 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था, जबकि 14वीं बैच के 40 प्रतिभागियों के साथ यह संख्या 500 के पार पहुंच गई है।
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि कोविड-19 के बाद रोजगार संकट के दौर में शुरू की गई यह पहल झुग्गी-बस्तियों और निम्न आयवर्ग की महिलाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। जो महिलाएं पहले घरेलू कामकाज तक सीमित थीं, वे अब आत्मविश्वास के साथ सड़कों पर वाहन चला रही हैं। कई महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं, तो कुछ वाहन शोरूम और निजी संस्थानों में ड्राइवर या सहायक के रूप में कार्यरत हैं। सोमवार को हमारी 14वीं बैच का एक महीने का प्रशिक्षण समाप्त हुआ। जिसके बाद इन महिलाओं को आरटीओ प्रदीप शर्मा और आईटीआई के प्रभारी अधिकारी निखिल पंडित, संयुक्त संचालक कौशल विकास सतीश मोरे ,प्राचार्य रीना सोलंकी द्वारा सभी महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण पूरी तरह चरणबद्ध और व्यावहारिक है। पहले ड्राइविंग सिम्युलेटर पर बेसिक कंट्रोल सिखाया जाता है, इसके बाद वास्तविक ट्रैक पर अभ्यास कराया जाता है। साथ ही सड़क सुरक्षा, यातायात नियम, वाहन रखरखाव और व्यवहारिक परिस्थितियों की जानकारी भी दी जाती है। लर्निंग लाइसेंस से लेकर परमानेंट लाइसेंस तक की पूरी प्रक्रिया विभाग द्वारा ही पूर्ण कराई जाती है।
इस योजना का सकारात्मक प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। अब तक 27 महिलाओं को सीएसआर फंड के माध्यम से 25-25 हजार रुपये की सहायता दिलाकर ई-रिक्शा दिलवाने में मदद की गई है। इस बैच की भी दो जरूरतमंद महिलाओं को ई-रिक्शा दिलवाने में मदद की जाएगी।
इस अवसर पर सभी महिला चालक प्रशिक्षणार्थी, प्रशिक्षक राजीव रंजन तिवारी, कृपाशंकर सक्सेना, सीताराम रावत एवं अन्य प्रशिक्षक उपस्थित थे।

