तकनीक से भागना समाधान नहीं , समझकर सुरक्षित बनाना ही एकमात्र विकल्प।
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)10 फरवरी।उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार आज सुरक्षित इंटरनेट दिवस यानी Safer Internet Day को लेकर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा व अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने सयुंक्त रूप से किया। इस दौरान उप विकास आयुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशाला का मुख्य संदेश डिजिटल दुनिया में सतर्कता और समझदारी के महत्व पर केंद्रित है। वर्तमान में इंटरनेट और एआई का उपयोग सुविधा प्रदान करता है, लेकिन असावधानी से यह संकट में बदल सकता है।
इसके अलावा कार्यशाला के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने कहा कि हर साल फरवरी के दूसरे सप्ताह के मंगलवार को सुरक्षित इंटरनेट दिवस यानी Safer Internet Day मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2004 में यूरोपीय संघ के ‘सेफ-बॉर्डर्स’ प्रोजेक्ट के तहत की गई थी, जिसे बाद में यूरोपियन कमिशन का पूरा समर्थन मिला। इसका मकसद इंटरनेट को सभी के लिए खासकर बच्चों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित जगह बनाना है। इसके अलावा कार्यशाला के माध्यम से सभी को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल जागरूकता और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
पाबंदी नहीं, तकनीक को समझने की है जरूरत
इसके अलावा अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने कहा कि अक्सर माता-पिता बच्चों को स्मार्टफोन की लत छुड़वाने के लिए उसे छिपा देते हैं या उनसे सख्ती से पेश आते हैं। बच्चों को स्मार्टफोन की आदन न लगे इसलिए ऐसा करना कुछ हद तक सही भी है। लेकिन तकनीक से भागना इसका समाधान नहीं है, बल्कि उसे समझकर सुरक्षित बनाना ही एकमात्र रास्ता है। दरअसल, सेफर इंटरनेट डे का लक्ष्य यही है। बच्चों पर सख्त पाबंदी लगाने के बजाय उनके लिए डिजिटल सीमाएं तय करना, स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करना और सही सेटिंग्स को चुनना कहीं ज्यादा व्यवहारिक और असरदार साबित होता है।
इस दौरान उपरोक्त के अलावा जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी व स्कूल के बच्चे उपस्थित थे।

