
RKTV NEWS/पटना(बिहार)07 फरवरी।भाकपा–माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना, बदले की भावना और सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है. 31 साल पुराने –मकान मालिक की बिना जानकारी के धोखे से किराए पर मकान लेने और ऑफिस चलाने – के मामले में, बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के, रात के 12 बजे की गई यह गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है. यह साफ़ दर्शाता है कि राज्य सरकार कानून को न्याय के औज़ार के बजाय राजनीतिक प्रतिशोध के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है.
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में नीट की छात्रा के साथ हुए जघन्य हत्या–बलात्कार कांड ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है. इस अमानवीय घटना के बाद से पप्पू यादव भी लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे, न्याय की मांग को सार्वजनिक मंचों पर उठाते रहे और सरकार की निष्क्रियता को बेनकाब करते रहे. लेकिन दोषियों की गिरफ्तारी, सच्चाई सामने लाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय सरकार विपक्ष को ही निशाना बना रही है.
उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी एक खतरनाक संदेश देती है कि आज बिहार में न्याय मांगना अपराध बना दिया गया है. जो भी सत्ता से सवाल करेगा, जो भी पीड़ितों के साथ खड़ा होगा, जो भी अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाएगा, उसे डराने, धमकाने और चुप कराने की कोशिश की जाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा–जदयू की सरकार अपराधियों को संरक्षण देने और जनआंदोलनों को कुचलने की नीति पर चल रही है. नीट छात्रा मामले में सरकार की संवेदनहीनता और पप्पू यादव की गिरफ्तारी, दोनों एक ही राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगते हैं.
उन्होंने कहा की भाकपा–माले पप्पू यादव की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करती है और उनकी तत्काल, बिना शर्त रिहाई की मांग करती है.
